#Review: हैप्पी भाग जाएगी...4 हिंदुस्तानियों ने मिलकर पाकिस्तान हिला डाला!
फिल्म - हैप्पी भाग जाएगी
भारत और पाकिस्तान...दो नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में कुछ भारी भरकम से शब्द आ जाते हैं - आतंकवाद, दुश्मन, सरहद, आईएसआई, रॉ। लेकिन कुछ भी कहिए दोनों देशों का दिल तो बच्चा है जी। कभी हल्का फुल्का कुछ सोच कर देखिए। केवल सोच कर, करने की मत सोचिएगा। थोड़ी सी वास्तविकता से परे लेकिन ऐसी ही हल्की फुल्की सी कहानी है हैप्पी भाग जाएगी।

इस साल की पहली हैप्पी फिल्म कह लीजिए। अब तक जो आया बड़ा गंभीर आया। हैप्पी भाग जाएगी कोई सिनेमा का मास्टरपीस नहीं लेकिन मुदस्सर अजीज़ की ये हल्की फुल्की कोशिश एक इंटरटेनर है जिसे देखकर आपको मज़ा आएगा।
प्लॉट
एक लड़की है हैप्पी (डायना पेंटी)। उसकी शादी है। पर शादी वाले दिन इधर उसका दूल्हा (जिम्मी शेरगिल) सनी देओल स्टाईल यारा ओ यारा पर डांस करता है और उधर वो अपने आशिक (अली फ़ज़ल) के लिए मंडप से भाग गई है। लेकिन दूल्हे से आशिक तक पहुंचने तक के सफर में हैप्पी पहुंच चुकी है पाकिस्तान, एक जनाब के पास। कब, कहां, क्यों और कैसे यही फिल्म की पूरी कहानी है।
अभिनय
डायना पेंटी फ्रेश लगती हैं। कॉकटेल में उनके सीधे साधे रोल से इतर, गिट पिट करने वाली लड़की के रोल में देखना आपको ठीक लगेगा। कहीं कहीं, गीत की याद आएगी। पर इसमें डायना की गलती नहीं हैं। गीत हर किसी की मिसाल है। इसलिए डायना पेंटी भी कभी कभी उससे प्रभावित दिखती हैं, या फिर उनका किरदार ही ऐसा था।
फिल्म में अभय देओल, जिम्मी शेरगिल, अली फ़ज़ल जैसे शानदार सितारों का पूरा सेट है। तो जिसके हिस्से जो भी काम आया है सबने उसे बेहतरीन तरीके से निभाया है। लड़कियों को अभय देओल क्यूट भी लगेंगे। वहीं पीयुष मिश्रा जब भी जितना भी दिख जाएं, अच्छे ही लगते हैं। और इस फिल्म में वो और उनकी उर्दू इस फिल्म की जान हैं। जिम्मी शेरगिल से गुज़ारिश है कि एक ऐसी फिल्म करें जिसमें दुल्हन उन्हें मंडप में ना छोड़े।
डायरेक्शन
मुदस्सर अज़ीज़ ने कोशिश की है लेकिन कहानी कई जगह ढीली पड़ती है जो अगर कसी हुई होती तो फिल्म शानदार बन सकती थी। खासतौर से इसलिए क्योंकि मुदस्सर कई फिल्मों के लेखक हैं, इसलिए उनसे बेहतर कहानी की उम्मीद थी।
तकनीकी पक्ष
फिल्म के डायलॉग्स बेहतरीन है। वहीं म्यूज़िक भी आपको पसंद आएगा। फिल्म में कुछ पंच ऐसे हैं जो आपको काफी समय तक याद रह सकते हैं।
क्या है अच्छा
फिल्म एक अच्छी इंटरटेनर है। कमियों के बावजूद आप एक डेट पर जाने के लिए या सिर्फ यूं ही मन बहलाने के लिए फिल्म आराम से देख सकते हैं। वहीं सारे भारत - पाकिस्तान वाले चुटकुले आपको हंसाएंगे।
निगेटिव बातें
फिल्म अगर आपको अच्छी लगी तो टुकड़ों में अच्छी लगेगी। क्योंकि फिल्म जिस तरह से शुरू होती है आपको उम्मीदें बंधेंगी कि एक गदर इंटरटेनमेंट आपको मिलने वाला है। इंटरटेनमेंट मिलता भी है लेकिन टुकड़ों में।
देखें या नहीं
चूंकि काफी समय से बॉलीवुड ने एक हल्की फुल्की इंटरटेनर नहीं देखी है, तो हैप्पी भाग जाएगी ज़रूर देखी जा सकती है। इस वीकेंड को अगर आपको मूड अच्छा करने का मन करे, तो घबराइए मत, ये वही फिल्म है!


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