Ganapath Movie Review: एक्शन से भरपूर टाइगर श्रॉफ और कृति सेनन की फिल्म, कहानी में दम तोड़ती है

निर्देशक- विकास बहल
कलाकार- टाइगर श्रॉफ, कृति सेनन, अमिताभ बच्चन, जमील खान, रहमान, गिरीश कुलकर्णी
पठान, गदर 2, जवान के बाद, अब साल की एक और एक्शन एंटरटेनर सिनेमाघरों में आ चुकी है। भारी भरकम स्टंट सीन्स और वीएफएक्स से भरपूर, विकास बहल के निर्देशन में बनी 'गणपथ: ए हीरो इज़ बॉर्न' हमें एक अलग दुनिया में ले जाने का वादा करती है। लेकिन क्या वो दुनिया हमें बांधे रखने में सफल होती है? जानें आगे रिव्यू में..
कहानी
गणपथ हमें उस भविष्ट में ले जाता है, जहां एक युद्ध के बाद, पूरी दुनिया नष्ट हो चुकी है। करोड़ों लोग मारे गए और देश के देश तहस नहस हो गए हैं। ऐसे में जो बचे इंसान हैं, जो दुनिया को दो भागों में बांट देते हैं। एक होती है सिल्वर सिटी, जहां अमीर लोग तमाम तरह से एशो आराम के साथ रहते हैं। वहीं, दीवार के दूसरे पार रहते हैं गरीब। जो खाना, पानी के लिए भी मारे मारे फिरते हैं। अमीर अपने छोटे मोटे कामों के लिए गरीबों का शोषण करते हैं। इसी अमीर दुनिया में रहता है गुड्डू (टाइगर श्रॉफ), जो एक खास व्यक्ति के लिए काम करता है। लेकिन उसे इस बात की खबर नहीं है कि वह वास्तव में गरीबों का मसीहा है। वह गणपत है, जो अमीर और गरीबों के बीच की दीवार को तोड़ देगा। जब गणपत गरीबों की दुनिया में कदम रखता है, तो उसकी मुलाकात जस्सी (कृति सेनन) और शिवा (रहमान) से होती है। गणपत का इन सबसे क्या रिश्ता है और वो गरीबों का मसीहा कैसे बनेगा, इसी के इर्द गिर्द घूमती है कहानी।
निर्देशन व तकनीकी पक्ष
फिल्म का सबसे कमजोर पक्ष इसकी पटकथा और वीएफएक्स है। यही वजह है कि कॉन्सेप्ट अच्छा होने के बावजूद फिल्म बेहद कमजोर रह जाती है। विकास बहल ने इससे पहले क्वीन, चिल्लर पार्टी, सुपर 30 जैसी बेहतरीन फिल्में बनाई हैं, जो अपने लेखनी की वजह से ही सालों साल याद की जाती रही हैं। लेकिन गणपत जैसी भव्य फिल्म में कहानी ही कहीं पीछे छूट गई। खास बात है कि इस फिल्म को दो पार्ट में बनाया जाना है। ऐसे में फिल्म का क्लाईमैक्स एक हाई प्वॉइंट पर खत्म होने की उम्मीद थी। लेकिन फिल्म निराश करती है। फिल्म में कुछ दमदार एक्शन सीक्वेंस हैं, जिसे दर्शक एन्जॉय कर सकते हैं। वहीं, संगीत काफी औसत है। कोई भी गानें प्रभाव नहीं छोड़ते हैं।
अभिनय
गणपत के रोल में टाइगर श्रॉफ फिट बैठते हैं। माना जा सकता है कि ये भूमिका उन्हें ध्यान में रखकर ही लिखी गई होगी। अभिनेता एक्शन और स्टंट में कितने माहिर हैं, ये सभी जानते हैं। बतौर गणपत वह जिस तरह से फाइट करते हैं, वह पर्दे पर काफी सहज दिखता है। हालांकि, इमोशनल दृश्यों में टाइगर को अपने हाव भाव पर काफी काम करने की जरूरत है। कृति सेनन के पल्ले में भी कुछ अच्छे एक्शन सीक्वेंस आए हैं। वो एक बेहतरीन अभिनेत्री हैं और उन्होंने यहां भी अपना बेस्ट दिया है। लेकिन जब कमी लेखनी में हो.. तो कलाकार भी कुछ नहीं कर सकता। कृति और टाइगर की केमिस्ट्री में सहजता दिखती है। साउथ एक्टर रहमान शिवा के किरदार में अच्छे लगे हैं। वह एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं, अमिताभ बच्चन, गौहर खान और एली अवराम के कैमियो बेहद कमजोर हैं।
रेटिंग
यदि आप टाइगर श्रॉफ के फैन हैं और उन्हें एक्शन करते बड़े पर्दे पर देखना चाहते हैं, तो 'गणपत' जरूर देखी जा सकती है। फिल्म में कुछ दमदार एक्शन सीक्वेंस हैं। लेकिन फिल्म से उससे आगे की कोई उम्मीद ना रखें। फिल्मीबीट की ओर से 'गणपत' को 2 स्टार।


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