Fukrey 3 Movie Review: पुलकित सम्राट, पंकज त्रिपाठी समेत फुकरों की ये टोली है मजेदार, फुल टाइमपास

निर्देशक- मृगदीप सिंह लांबा
कलाकार- पुलकित सम्राट, पंकज त्रिपाठी, मनजोत सिंह, ऋचा चड्ढा, वरुण शर्मा
फुकरे जैसी कहानी आजकल बड़े पर्दे पर काफी कम देखने को मिलती है, जहां आपको दोस्तों के बीच बेबाकी, अल्हड़पन, थोड़ी मूर्खता और प्यार नजर आए। इस फ्रैंचाइजी के पहले दो भाग में अपनी मजेदार हरकतों और जुगाड़ों से हमारा मनोरंजन करने वाले फुकरों की टोली एक बार फिर वापस आए हैं.. एक नए उद्देश्य के साथ, एक नई 'सुपरपॉवर' के साथ। क्या इस गैंग के साथ डायरेक्टर मृगदीप सिंह लांबा एक बार फिर हमें गुदगुदाने में सफल रहे हैं? जानते हैं आगे रिव्यू में। बता दें, फुकरे 3 की कहानी बिल्कुल वहीं से शुरु होती है, जहां पर फुकरे 2 का अंत हुआ था।
कहानी
हनी (पुलकित सम्राट), चूचा (वरुण शर्मा), लाली (मनजोत सिंह), और पंडित जी (पंकज त्रिपाठी) दिल्ली सरकार द्वारा दिया गया जनता स्टोर चला रहे हैं। लेकिन दुकान की हालत खास्ता है। इधर भोली पंजाबन (ऋचा चड्ढा) राजनेता बन गई हैं और जल संसाधन मंत्री पद के लिए चुनाव लड़ रही हैं। जिसके लिए ढींगरा नाम का जल माफिया उसे फंड दे रहा है। वो अपनी जीत के लिए फुकरों की मदद चाहती है। लेकिन अंजाने ही भोली पंजाबन का सारा लाइमलाइट चूचा छीन ले जाता है। इसके बाद फुकरे गैंग फैसला लेते हैं कि वो चूचा को चुनाव में खड़ा करेंगे और उसे जल संसाधन मंत्री बनाएंगे। अपनी मासूमियत से चूचा आम जनता का चहेता बन जाता है। लेकिन चुनाव में प्रचार के लिए फुकरों को पैसों की जरूरत पड़ती है। और यही जरूरत उन्हें दक्षिण अफ्रीका तक ले जाती है। जहां प्रकृति से चूचा को एक और खास गिफ्ट मिलता है। जी हां, 'देजा चू' के अलावा अब चूचा के पास एक और गिफ्ट है, जिससे वो लाखों और करोड़ों कमा सकते हैं। क्या होता है जब भोला पंजाबन को इसकी जानकारी लगती है? इसी के इर्द गिर्द घूमती है बाकी की कहानी।
अभिनय
फुकरे 3 को पूरी तरह से चूचा यानि की वरुण शर्मा को केंद्र में रखकर सजाया गया है। कोई शक नहीं कि इस किरदार की अपनी फैन फॉलोइंग है, जो चूचा की मासूमियत, उसकी दोस्ती और उसके सुपरपॉवर्स को पसंद करते हैं। चूचा के किरदार में वरुण शर्मा परफेक्ट हैं। कुछ सीन्स में उनके किरदार को थोड़ा लाउड रखा गया है, लेकिन वरुण अपने सहज अभिनय से संभाल लेते हैं। हनी के किरदार में पुलकित सम्राट एक बार फिर जंचे हैं। कॉमिक टाइमिंग के अलावा, उन्हें अपने सिक्स पैक एब्स दिखाने का भी मौका मिला है। वहीं, चूचा और हनी के बीच की केमिस्ट्री बेहतरीन दिखती है। लाली बने मनजोत सिंह अपने रोल में एक मासूमयित लाते हैं। वहीं, पंकज त्रिपाठी का जिक्र तो अनिवार्य है। फुकरे के हर भाग के साथ पंकज त्रिपाठी की भागीदारी भी बढ़ी है और उनका सहज अभिनय और शानदार कॉमेडी टाइमिंग फिल्म को एक स्तर ऊपर ले जाती है। भोला पंजाबन यानि की ऋचा चड्ढा के किरदार को थोड़ा और निखारा जा सकता था। यहां वो थोड़ी कमजोर लगी हैं। वहीं, मनु ऋषि चड्ढा समेत बाकी सहायक कलाकार अपनी-अपनी भूमिकाओं में खास प्रभावी नहीं लगे हैं।
निर्देशन व तकनीकी पक्ष
मृगदीप सिंह लांबा ने फुकरे का मिक्स वही रखा है, जो इस फ्रैंचाइजी की पहली दो फिल्मों का है। कुछ मजेदार वन लाइनर्स के साथ स्लैपस्टिक कॉमेडी का तड़का और एक सोशल मैसेज। यहां कुछ जोक्स आपको हंसाएंगे, तो कुछ बेतुके या सुन सुनाए लगेंगे। लेकिन खैर, तुक तलाशने के लिए आप फुकरे देखने क्यों जाएंगे? फिल्म शुरु से अंत तक एक ही गति में आगे बढ़ती है। बीच बीच हंसी का डोज़ आपको गुदगुदा जाता है। तो कुछ मौकों पर फिल्म गंभीर कर जाती है।
अभिषेक नेलवाल का बैकग्राउंड स्कोर प्रभावी है। अमलेंदु चौधरी की सिनेमैटोग्राफी दिलचस्प है। मनन अश्विन मेहता की एडिटिंग थोड़ी और चुस्त हो सकती थी। 2 घंटे 25 मिनट लंबी इस फिल्म में कुछ ट्रैक मुश्किल से सांमजस्य बैठा रहे थे। जैसे चूचा और मुंबासा की प्रेम कहानी ढूंसी गई लग रही थी.. वहीं, साउथ अफ्रीका का पूरा ट्रैक छोटा किया जा सकता था। विपुल विग द्वारा लिखे गए कुछ डायलॉग्स आपको खिलखिलाने पर मजबूर करेंगे। लेकिन कुछ व्हाट्सएप जोक्स की तरह निराश करेंगे। म्यूजिक की बात करें तो फिल्म में कुछ भी खास नहीं है। इसलिए, निर्माता 'अंबरसरिया' जैसे अपने आज़माए हुए ट्रैक का इस्तेमाल करते हैं।
रेटिंग
यदि आपने फुकरे 1 और फुकरे 2 देखी है और आपको पसंद आई.. तो आप इस फिल्म के लिए एक खास उम्मीद लेकर थियेटर जाएंगे। बता दें, फुकरे 3 आपकी उम्मीदों को नहीं तोड़ेगी। यह एक मजेदार और पारिवारिक टाइमपास फिल्म है, जिसे इस वीकेंड आप जरूर देख सकते हैं। फिल्मीबीट की ओर से "फुकरे 3" को 3 स्टार।


Click it and Unblock the Notifications













