सेक्स सीन की ओवरडोज़ है मर्डर-2

मर्डर 2 भी उसी क्रम की अगली कड़ी है| भट्ट कैंप भले ही यह बात कहे कि सीक्वल के माध्यम वे दर्शकों को आकर्षित कर पायेंगे, लेकिन इसके बावजूद वे इस बात में नाकामयाब रहे हैं| फिल्म की कहानी उबाऊ है और फिल्म में कुछ भी नयापन नहीं है | राज के सीक्वेल में कम से कम दर्शकों को कुछ नयी चीजें देखने को मिली थी| मर्डर 2 उस रूप से कमजोर फिल्म है|
निर्देशक को यह बात समझनी चाहिए थी कि अब केवल फिल्मों में सेक्स व हॉट सीन दिखा कर फिल्म को कामयाबी नहीं दिलाई जा सकती| फिल्म में भले ही इस पर जोर दिया जा सके| ओपनिंग अच्छी मिल भी जाये, लेकिन फिल्म देखने के बाद दर्शकों को यह बिल्कुल पसंद नहीं आयेगी| फिल्म की कहानी अर्जुन भागवत की है| वह पुलिस ऑफिसर है लेकिन वह गलत रास्ते पर जाकर कुछ गलत संगतियों में फंस जाता है| वहां उसे प्रिया से प्यार हो जाता है|
कहानी में टि्वस्ट आता है| जब अर्जुन वैश्याओं के गिरोह का पर्दाफाश करने की कोशिश करता है| कोशिश है कि वह सीरियल किलर धीरज को पकड़ पाये| अभिनय के दृष्टिकोण से इमरान में कुछ भी नयापन नही है लेकिन जैकलीन को कोशिश करनी चाहिए कि वह अपने अभिनय क्षमता को बढ़ावा दे|
न कि सिर्फ अंतरंगता पर जोर दे| फिल्म किसी भी लिहाज से कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ पाती| न ही मर्डर 2 पूरी तरह थ्रिलर बन पायी है और न ही प्रेम कहानी| भट्ट कैंप को आनेवाले समय में यही कोशिश करनी चाहिए कि वे कुछ पुराने दौर में बनाई गयी फिल्मों की तरह आज के दौर के सामयिक कुछ नये विषयों को फिल्मों का रूप देने की कोशिश करें|


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