बुड्ढा होगा... नहीं सठिया गया बुड्ढा कहिये

कलाकार: अमिताभ बच्चन, सोनू सूद, सोनल चौहान, हेमा मालिनी
निर्देशक: पुरी जगन्नाथ
निर्माता: एबीकॉर्प
अमिताभ का एक्शन रिप्ले
रेटिंग: दो स्टार
अमिताभ बच्चन फिल्म पा के बाद पहली बार अभिनेता के तौर पर दर्शकों के सामने बुड्ढा होगा तेरा बाप में नजर आ रहे हैं। निस्संदेह ऑरो की भूमिका में उन्होंने फिल्म पा में जो छाप छोड़ी है। वह अदभुत है, लेकिन उनकी ऑरो के बाद जब फिल्म बुङ्ढा होगा तेरा बाप में उनके अभिनय की शैली को देखें तो निराशा होती है।
चूंकि अमिताभ निस्संदेह अभिनय क्षमता वाले अभिनेता हैं। वे जब भी दर्शकों के सामने आते हैं तो दर्शकों की उम्मीदें उनसे बढ़ जाती हैं, लेकिन फिल्म बुङ्ढा को देखने के बाद शायद दर्शक दुखी हों। क्योंकि बुङ्ढा में उन्हें जिन जिन भी रूपों व स्टइल में दिखाने की कोशिश की गयी है। वह एक तरह से अमिताभ की पुरानी फिल्मों व उनके स्टाइल का एक्शन रिप्ले है। वे सारी चीजें जो हमने अमिताभ की फिल्मों में आज से पहले कई बार देख ली है।
फिर से दर्शकों के सामने हैं। पूरी फिल्म में अमिताभ ने एकाधिकार राज किया है। फिल्म की कहानी में फिल्म की कहानी विज्जू के इर्द-गिर्द घूमती है। वह पेरिस में गैंगस्टर है। वापस लौट कर मुंबई आता है और एसीपी करण को मारने की जिम्मेदारी लेता है। इसी दौरान करण-तान्या से उनकी मुलाकात होती है। फिल्म में रवीना विज्जू को पसंद करती है और कहानी में कई मोड़ आते जाते हैं।
फिल्म के गाने अत्यधिक लाउड हैं। खासतौर से फिल्म का गीत 'गो मीरा गो' में अमिताभ कुछ भी खास असर नहीं छोड़ पा रहे। मसाला फिल्मों के रूप में भी इस फिल्म में कुछ भी नया नहीं। अमिताभ जिस स्तर पर हैं। उन्हें अब पा जैसी अधिक से अधिक फिल्में करनी चाहिए। फिल्म में प्रकाश राज ने बेहतरीन भूमिका निभाई है। हेमा मालिनी के साथ के दृश्यों में भी अमिताभ कुछ खास प्रभाव नहीं छोड़ पाते। बावजूद इसेक अमिताभ के फैन फिल्म जरूर देखना पसंद करेंगे।


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