#FanReview: अरे ओ शाहरूख खान...वाकई तेरा जबरा फैन हो गया!
हक होने में और हक जताने में बहुत पतली सी लकीर होती है। लकीर पार की, कि अब प्यार से ज़बर्दस्ती तक पहुंच जाते हैं। बस फैन भी इसी लकीर के इस पार और उस पार होने की कहानी है। कहानी सिंपल है - एक सुपरस्टार - आर्यन खन्ना बिल्कुल शाहरूख खान जैसा - लोगों को दीवाना बना देने वाला , जिसकी एक मुस्कुराहट पर लोग बस बिछ जाएं, जिसकी एक झलक के लिए फैन्स घंटों बस पलकें बिछाए इंतज़ार कर लें।
इसी सुपरस्टार के करोड़ों फैन में एक वो भी है जो गलती से, या उसकी किस्मत से थोड़ा बहुत उस सुपरस्टार जैसा दिखता है। गौरव चानना - आर्यन खन्ना का सबसे बड़ा फैन। फैन होना उसका हक है। हर सुपरस्टार के फैन के पास ये हक होता है। लेकिन कहानी वहां से ट्विस्ट लेती है जब गौरव अपने हक को जताने की कोशिश करने में अपनी लक्ष्मण रेखा यानि कि लिमिट क्रॉस कर लेता है। जब एक फैन अपना हक ज़बर्दस्ती जताए तो सुपरस्टार क्या करता है और क्या कर सकता है, यही फैन का प्लॉट है।

और उस प्लॉट को शाहरूख खान ने इतने बेहतरीन ढंग से निभाया है कि वाकई आप उनके जबरा फैन हो जाएंगे। वो शाहरूख लौटे हैं जिन्हें लोग चक दे इंडिया के बाद से ढूंढ रहे थे!
जानिए फिल्म की पूरी समीक्षा -


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