प्यार जो हंसी के बाद आंसू दे दे- एक विलेन रिव्यू
स्टार- 3
निर्माता- एकता कपूर, शोभा कपूर
निर्देशक- मोहित सूरी
अभिनेता- सिद्धार्थ मल्होत्रा, श्रृद्धा कपूर, रितेश देशमुख, आमना शरीफ, कमाल आर खान
संगीत- अंकित तिवारी, मिथुन
जब तक हम किसी के हमदर्द नहीं बनते,
तब तक दर्द हमसे और हम दर्द से जुदा नहीं होते,
कुछ यही सोच है मोहित सूरी की फिल्म एक विलेन में। इतनी खूबसूरत सी सोच जिस फिल्म में हो और जिस फिल्म का आधार प्यार रखा जाए भला वो फिल्म खराब कैसे हो सकती है। लेकिन कहना गलत नहीं होगा कि मोहित सूरी इस बार अपने प्यार और आशिकी से दर्शकों को जोड़ने में, उनकी आंखों में आंसू लाने में नाकाम हो गये। हालांकि कोशिश पूरी थी। एक विलेन के गाने बेहतरीन हैं, अभिनय की बात करें तो सिद्धार्थ, रितेश और श्रृद्धा तीनों ने ही अपना बेहतरीन परफॉर्मेंस दिया है। फिल्म की कहानी भी काफी एंटरटेनिंग है लेकिन कहीं ना कहीं फिल्म के स्क्रिनप्ले में वो बात नहीं जो मोहित की अब तक की फिल्मों में देखने को मिली थी।
कहानी- ये एक विलेन की लव स्टोरी है। जिसमें कोई दूसरा आकर विलेन बन जाता है। गुरु (सिद्धार्थ मल्होत्रा) एक गुंडा है। उसने बचपन में अपने मां बाप को खो दिया था और इसी गुस्से का बदला वो पूरी दुनिया में लोगों को मार मार कर लेता है। गुरु की मुलाकात एक दिन होती है श्रृद्धा कपूर से जो कि किसी बीमारी से जूझ रही है और उसके पास वक्त बहुत कम है। वो अपने कुछ सपनों को पूरा करना चाहती है। गुरु को श्रृद्धा की सादगी, उसकी हंसी और उसके साफ दिल से प्यार हो जाता है और वो श्रृद्धा के साथ अपनी पूरी जिंदगी बिताने का फैसला करता है। दूसरी तरफ कहानी है रितेश देशमुख की जो कि अपनी पत्नी सुलोचना (आमना शरीफ) से बेहद प्यार करता है लेकिन आमना रितेश से कभी भी संतुष्ट नहीं होती। उसकी ख्वाहिशें बहुत ऊंची हैं।
अब इन दोनों में से कौन किसकी जिंदगी का विलेन बनता है और फिल्म की कहानी क्या ट्विस्ट टर्न लेती है ये जानने के लिए आपको एक विलेन देखनी होगी। फिल्म से जुड़ कुछ खास पहलू हम यहां पेश कर रहे हैं-


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