'दस कहानियाँ' एक अच्छी फिल्म
जैसा कि नाम से ही ज़ाहिर है कि फ़िल्म में छोटी-छोटी 'दस कहानियाँ', छह निर्देशकों द्वारा निर्देशित तथा 24 अभिनेताओं के साथ फिल्माई गई हैं. संगीत चार म्युज़िक-डायरेक्टर्स द्वारा कम्पोज़ किया गया है.
कहानी 1: मैट्रिमोनी (मंदिरा बेदी, अरबाज़ खान, सुधांशु पाण्डेय)
सरीन कपल (मंदिरा बेदी, अरबाज़ खान) की शादी को पांच साल हो चुके हैं. लेकिन बेऔलाद हैं. इसी बीच मंदिरा के जीवन मे सुधांशु आता है और वो उस से प्यार करने लगती है. इसमें ये बताया गया है कि किस तरह प्यार आपको बेवकूफ बना सकता है. मंदिरा की एक्टिंग बेहतरीन है, अरबाज़ और सुधांशु ने ठीक-ठाक अभिनय किया है.
कहानी 2: हाई ओन द हाइवे' (जिम्मी शेरगिल, मासुमेह)
एक अजीबो-गरीब सी कहानी जिसमें पागलपन वाला प्यार बताया गया है. कुल मिलकर कर देखा जाए तो दस कहानियों में ये सबसे ख़राब कहानी है. जिसमें वो उसे 'इच' कहकर बुलाता है और वो उसे बास्टर्ड कहती है. ऐसी कहानी जो अपने परिवार के साथ बैठकर नहीं देखी जा सकती. जिम्मी और मसुमेह का अभिनय ठीक था.
कहानी 3: पूरन्माशी (अमृता सिंह, मिनिषा लंबा)
ये माँ और बेटी पर आधारित कहानी है जिसमे बेटी की शादी होने वाली और उसकी माँ ही अपनी बेटी की मौत के लिए जिम्मेदार हो जाती है. कहानी उबाऊ है पर झेलने लायक है. अमृता सिंह की एक्टिंग कमाल की है. लेकिन मिनिषा का अभिनय औसत है.
कहानी 4: 'स्ट्रेन्ज्रर्स इन द नाइट' (नेहा धूपिया और महेश मंजरेकर)
इसमें ये शादी-शुदा जोडा़ अपनी शादी की हर सालगिरह पर अपनी ज़िंदगी का एक राज़ खोलता है. इस बार बारी नेहा की है. वो अपने जीवन में हुए एक एन्काउन्टर की घटना बताती है, जो उसकी आने वाली ज़िंदगी बदल देती है. नेहा हमेशा की तरह बहुत हॉट लगी है और महेश बहुत ही मजेदार लगे हैं. शायद उनकी शक्ल ही ऐसी है.
कहानी 5: ज़हीर (मनोज बाजपेयी, दिया मिर्जा)
दिया और मनोज की मुलाक़ात एक लिफ्ट में होती और और पहली ही नज़र में प्यार हो जाता है. धीरे-धीरे दोस्ती बढ़ती है लेकिन मनोज को दिया की एक ऐसी बात पता चलती है जो उनकी ज़िंदगी बदल देती है. दिया बहुत ही स्वीट लगी है. मनोज का भी हमेशा की तरह अभिनय दमदार रहा.
कहानी 6: लव डेल (अनुपम खेर, आफताब, नेहा ओबरॉय)
नेहा एक ऐसी औरत से ट्रेन में मिलती है जिसकी कान में एक ही बाली है. जो आगे चलकर उसकी ज़िंदगी में बदलाव लाती है. आफताब और नेहा का अभिनय औसत है.
कहानी 7: सेक्स ऑन द बीच (दीनू मोरिया, तरीना पटेल)
दीनू को बीच पर एक किताब मिलती है और वो उसपर अपने दस्तखत कर देता है. तभी उसकी नज़र समुद्र में खड़ी एक लड़की पर जाती है और वो दोनों काफी अच्छा समय व्यतीत करते हैं. इसके आगे कहानी हॉरर हो जाती है पर दर्शकों पर अपनी खास पकड़ नहीं बना पाती. अभिनय दोनों का औसत रहा.
कहानी 8: राइस प्लेट (शबाना आज़मी, नसीरुद्दीन शाह)
एक हिंदू महिला जो मुस्लिम से बहुत नफरत करती है. लेकिन एक मुस्लिम इंसान उसकी प्लेट का चावल खा लेता है. भावनाओं से परिपूर्ण कहानी जो इन सभी कहानियो में सबसे बेहतरीन है. दोनी कलाकारों का अभिनय ज़बरदस्त रहा.
कहानी 9: गुब्बारे (अनिता, नाना पाटेकर, रोहित रोय)
पति पत्नी एक बस में सफर कर रहे हैं और उनका झगड़ा हो जाता है. पत्नी एक ऐसे इंसान के पास जाकर बैठ जाती है जिसके हाथ में अपनी पत्नी के लिए गुब्बारे हैं. बहुत ही उम्दा कहानी है जो गुलज़ार ने लिखी है.
कहानी 10: राइस एंड फाल (संजय दत्त, सुनील शेट्टी)
दो दोस्तों पर आधारित कहानी है. अभिनय और कहानी औसत हैं.
कुल मिलाकर 'दस कहानियाँ' बॉक्स ऑफिस पर चलेगी. बहुत बड़ी हिट तो नहीं लेकिन मुनाफा ज़रूर कमाएगी. 10 में से 4 कहानियाँ अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रही हैं. ज़रूर देखें.


Click it and Unblock the Notifications