हल्की-फुल्की कॉमेडी दिल तो बच्चा है जी..

निर्देशक: मधुर भंडारकर
संगीत: प्रीतम चक्रवर्ती
निर्माता: कुमार मंगत, मधुर भंडारकर
रेटिंग : 2.5/5
मधुर भंडारकर गंभीर विषयों पर फिल्म बनाने के लिए जाने जाते हैं। पहली बार वो कॉमेडी फिल्म लेकर आए हैं। इस फिल्म की खासियत भी ये है कि इसमें सिचुऐशन रियलिस्टिक हैं और ये ऐसी कॉमेडी फिल्म है जिसमें कहानी भी है।
मधुर सिर्फ बचकानी हरकतों के जरिए दर्शकों कों हंसाने की कोशिश नहीं की जाती। फिल्म में तीन पुरुष किरदारों को मुख्य रुप से दिखाया गया है। पहला है नरेन (अजय देवगन) जो तलाकशुदा है और अपने से आधी उम्र की लड़की (शाजान पद्मसी) से प्यार के सपने देखता है।
दूसरा है अभय (इमरान हाशमी) जो दिलफेंक किस्म का आशिक यानी लवरब्वॉय है और जिसकी गर्लफ्रेंड (श्रुति हसन) है। उसे जब सच्चे प्यार का एहसास होता है तब उसकी प्रेमिका उसे छोड़ कर चली जाती है। तीसरा है मिलिंद (ओमी वैद्य) जो निहायत शरीफ इंसान है और इसका दिल (श्रद्धा दास) पर आता है। तीनों को ही सच्चे प्यार की तलाश है।
तीनों की प्रेमिकाएं आज के मिजाज की लड़कियां हैं जो प्रेम ही पूजा है जैसे जुमले पर विश्वास नहीं करती। अजय देवगन से और बेहतर अभिनय की उम्मीद थी। इमरान हाशमी कुछ खान नहीं कर पाए। ओमी वैद्य ने ठीक ठाक अभिनय किया है। श्रुति हसन को छोड़ बाकी अभिनेत्रियां निराश करती हैं। फिल्म टाईम पास के लिए देखी जा सकती है।


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