दिल कबड्डी: दिल बहलाने जाइए!

जहां फिल्म आपको गुदगुदाने में कामयाब रहेगी वही शादी से अलग कुछ और विकल्प तलाशने की ओर इशारा करेगी । फिल्म का मजबूत पहलू कलाकारो का बेहतर अभिनय है।
जिसमें सबसे अव्वल रूप में इरफान खान को रखा जा सकता है। जो खुले आम खुद को सेक्स एडिक्ट करार देते है।
कहानी: समित (इरफान खान) और मीता (सोहा अली खान) एक ऐसा विवाहित जोड़ा है जो एक दूसरे से उब चुके है। समीत जिंदगी और सेक्स लाइफ में कुछ नया चाहता है वही मीता को ये सब पसंद नही है।
समित की मुलाकात काया (पायल रोहतगी) से होती है जो उसे अपने अनुकूल दिखती है। समित अपनी जिंदगी काया के साथ बिताने के बारे में सोचता है।
उन दोनो के इस अलगाव से दुसरा विवाहित जोड़ा ऋषि (राहुल राय) और सिमी (कोंकणा सेन शर्मा) अपनी जिंदगी में झांकने को मजबूर हो जाता है।
उन दोनो को भी लगने लगता है कि कोई भी विवाहित जोड़ा आदर्श नही कहा जा सकता है। ऋषि एक व्याख्याता है जो धीरे धीरे अपनी एक छात्रा रागा के प्रति आकर्षित होने लगता है वही सिमी की अपनी इच्छाए है जो ऋषि में पूरी होती नही दिखती है।
वो एक सुदंर कला निर्देशक वीर (राहुल खन्ना) के बारे में सोचने लगती है। जिसका अपनी प्रेमिका से अलगाव हो चुका है और वो जिंदगी में अकेला पड़ चुका है। वही वीर का लगाव मीता से बनने लगता है।
कुल मिलाकर कहा जाए तो अगर आपका थोड़ा सा दिल हलका करने का मन है तो फिल्म देखने जा सकते है।


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