'दिल बेचारा' फिल्म रिव्यू: हंसते- हंसते ज़िंदगी सेलिब्रेट करना सिखा गए सुशांत सिंह राजपूत
निर्देशक- मुकेश छाबरा
कलाकार- सुशांत सिंह राजपूत, संजना सांघी, स्वास्तिका मुखर्जी, साश्वता चटर्जी
प्लेटफॉर्म- डिज़्नी+हॉटस्टार
फिल्म को देखकर भावुक ना होना, शायद किसी के लिए संभव नहीं रहा है। फिल्म में मैनी (सुशांत सिंह राजपूत) होंठो पर मुस्कान और आंखों में जिंदगी लिये कहता है- 'जन्म कब लेना है और मरना कब है, ये हम डिसाइड नहीं कर सकते.. लेकिन कैसे जीना है वो तो हम डिसाइड कर सकते हैं..' यह सुनते ही दिमाग में 14 जून की याद सामने आ जाती है, जब इस सितारे ने दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। बता दूं, भावुकता को परे रखकर समीक्षा कर पाना आसान नहीं है। लेकिन कहना गलत नहीं होगा कि सुशांत फिल्म की जान हैं।

दिल बेचारा जॉन ग्रीन की किताब द फॉल्ट इन आवर स्टार्स का आधिकारिक रीमेक है। इस पर हॉलीवुड फिल्म भी बन चुकी है। लिहाजा, जब मुकेश छाबरा ने फिल्म की घोषणा की थी, तभी से इससे काफी उम्मीदें बंध गई थी। बॉलीवुड में हालांकि इससे पहले आनंद, अंखियों के झरोखों से, कल हो ना हो जैसी फिल्में बन चुकी हैं जो इसी तरह की भावनाओं से जूझती है।


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