#Review: धनक, शाहरूख - सलमान की जंग में जीत गए दो नन्हें सुपरस्टार
फिल्म समीक्षा - धनक
क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आप सारे दिन बाहर घूमते रहें पर कहीं कोई दुर्घटना ना हुई हो? आप सारे दिन लोगों से मिलते रहें और कोई भी कहीं भी आपको अपमानित ना करे? एक दिन यूं ही आप सारे दिन सच बोलते रहें और किसी को आपकी बात का बुरा ना लगे? एक पूरा दिन आप सब का यकीन कीजिए पर किसी से भी धोखा ना मिले?
शायद आप उस दिन को अजीब दिन कह देंगे। बचपन में शायद सबने कुंवर नारायण की ये कविता, एक अजीब दिन ज़रूर पढ़ी होगी, लेकिन अमल किसी ने नहीं किया होगा, सिवाय नागेश कुकुनूर के। धनक एक सपना है, जिस पर यकीन कर पाना उतना ही मुश्किल है, लेकिन यही इस सपने की खासियत है कि ये सच है।
धनक इतनी, सादी और मासूम है कि आप ना चाहते हुए भी इस पर विश्वास करेंगे। आपको थोड़ा समय लगेगा क्योंकि इस फिल्म पर विश्वास वही कर सकता है जो दुनियादारी, धोखेबाज़ी, झूठ, फरेब से कोसों दूर हो।
बचपन कितना सीधा हो सकता है और कितना ज़िद्दी हो सकता है ये आपको छोटू और परी की कहानी बताती है। दो नन्हें फैन्स - एक शाहरूख और एक सलमान लेकिन दो खान के होने के बावजूद फिल्म में जीतते दिखाई देंगे ये नन्हें सुपरस्टार्स।
पढ़िए धनक की पूरी समीक्षा -


Click it and Unblock the Notifications











