बॉस को तो सिर्फ पानी निकालना है- बॉस फिल्म रिव्यू
फिल्म- बॉस
निर्देशक- एंथनी डिसूजा
एक्टर एक्ट्रेस- अक्षय कुमार, अदिति राव हैदरी, शिव पंडित, डैनी, मिथुन चक्रवर्ती, रॉनित रॉय
निर्माता- अक्षय कुमार
संगीत- मीत ब्रदर्स
स्टार्स- 2.5
अक्षय कुमार की फिल्म बॉस बकरीद के दिन बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हुई है और फिल्म को लेकर लोगों में खासा उत्साह है। हालांकि फिल्म को देखने के बाद फिल्म रिव्यूवर्स की यही राय है कि बॉस फिल्म का फर्स्ट हाफ काफी स्लो है लेकिन फिल्म के सेकेंड हाफ में काफी अच्छा पिक अप है। अक्षय कुमार द्वारा बॉस में जो पंचेस दिये गये हैं और उनके जो डायॉलॉग्स हैं वो बेहतरीन हैं। कुल मिलाकर बॉस एक फैमिली एंटरटेनर फिल्म है जिसे देखने आप अपने पूरे परिवार के साथ जा सकते हैं लेकिन फिल्म को लेकर जितनी कम अपेक्षाएं लेकर आप सिनेमाहॉल जाएंगे उतने ही खुश होकर थियेटर से बाहर आएंगे। क्योंकि अक्सर इस तरह की फिल्मों से लोगों की अपेक्षाएं इतनी ज्यादा होती हैं कि फिल्म देखने के बाद उन्हें निराशा होना पड़ता है।
बॉस फिल्म की कहानी बाप बेटे की कहानी पर आधारित है। बॉस (अक्षय कुमार) द्वारा बचपन में अपने पिता सत्यकांत (मिथुन चक्रवर्ती) के खिलाफ कुछ बुरा ना सुन सकने के चलते बॉस को सत्यकांत घर से निकाल देते हैं। बॉस एक बड़े गैंगस्टर (डैनी) की जान बचाता है और डैनी बॉस को अपने साथ रख लेता है। बॉस बड़ा होकर एक बड़ा गुंडा बनता है जो कि लोगों को मारने के कॉट्रैक्ट लेता है। दूसरी तरफ बॉस का छोटा भाई शिव पहली बार मुंबई आता है और मुंबई में अदिति राव हैदरी से मिलता है और उससे प्यार करने लगता है। अदिति का भाई रॉनित रॉय एक बहुत ही भ्रष्ट और रिश्वतखोर पुलिस ऑफीसर है जो कि अपनी नौकरी में प्रमोश के लिए एक नेता के बेटे से अपनी बहन की शादी तय कर देता है।
शिव को पुलिस किसी गलत इल्जाम में जेल के अंदर डाल देती है और बॉस को कॉट्रेक्ट दिया जाता है शिव का मर्डर करने का। लेकिन तभी सत्यकांत भी बॉस के पास आते हैं और शिव को बचाने का कॉट्रेक्ट बॉस को देते हैं। बॉस को पता चलता है कि शिव उसका भाई है तो वो शिव को इस मामले से बाहर निकाल लेते हैं और फिर सभी दुश्मनों से बदला लेता है।


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