Bloody Daddy Movie Review: एक्शन और स्टाइल के साथ शाहिद कपूर के परफॉमेंस का बढ़िया मिक्स

निर्देशक- अली अब्बास जफर
कलाकार- शाहिद कपूर , डायना पेंटी , रोनित रॉय , राजीव खंडेलवाल , विवान भटेना , संजय कपूर आदि
प्लेटफॉर्म- जियो सिनेमा
ब्लडी डैडी हमें उस समय में वापस ले जाता है जब कोरोना वायरस ने लोगों के जीवन को अस्त व्यस्त कर दिया था। लॉकडाउन के बाद एक ओर दुनिया उबरने की कोशिश कर रही थी, दूसरी ओर क्राइम अपने चरम पर था। ऐसे में एक अंडरकवर कॉप सुमैर (शाहिद कपूर), गुरुग्राम में एक ड्रग डिलीवरी रैकेट का भंडाफोड़ करता है। लेकिन जब्त कोकीन वापस करने के लिए ड्रग माफिया सिंकदर (रोनित रॉय) उसके बेटे को किडनैप कर लेता है और फिर सुमैर को ब्लैकमेल किया जाता है। अली अब्बास जफर की क्राइम से भरी दुनिया में शाहिद कपूर की एंट्री दिलचस्प है।
कहानी
फिल्म की शुरुआत नई दिल्ली में हुई एक कार दुर्घटना से होती है, जहां से नॉरकोटिक्स डिपार्टमेंट में काम कर रहे सुमैर और उसके साथी (जीशान कादरी) को ड्रग्स से भरा बैग बरामद होता है। वो उस बैग को पचाने की प्लानिंग कर ही रहे होते हैं कि सुमैर को अपने बेटे के अगवा होने की खबर मिलती है। ड्रग माफिया सिंकदर (रोनित रॉय) ने उसके बेटे को किडनैप पर लिया है और बदले में उसे अपना जब्त कोकीन वापस चाहिए। गैर- जिम्मेदार पिता का तमगा लगाए घूम रहे सुमैर के पास अपने बेटे को जिंदा वापस लाने के लिए सिर्फ एक रात का समय है। लेकिन सुमैर को अपने बेटे तक पहुंचने के लिए न केवल अपराधियों से, बल्कि नॉरकोटिक्स ब्यूरो के भीतर भी कुछ उच्च अधिकारियों से निपटना होगा। पूरी फिल्म सिर्फ एक दिन की कहानी है, ऐसे में सुमैर अपने बेटे को किस तरह वापस ला पाएगा, इसी के इर्द गिर्द घूमती है पूरी कहानी।
निर्देशन व तकनीकी पक्ष
फ्रेंच फिल्म Nuit Blanche (स्लीपलेस नाइट, 2011) से अडैप्टेड यह एक्शन थ्रिलर शुरू से अंत तक काफी तेजी के साथ आगे बढ़ती है। फिल्म की कहानी सिर्फ 24 घंटों में समाई है और इसी वजह से एक लय लगातार बरकरार रहता है। कोविड के दौरान शूट की गई, पूरी फिल्म ड्रग्स और उसकी डिलीवरी वाले बैग के इर्द-गिर्द घूमती है। सुमैर की इस कहानी में अली अब्बास जफर किस तरह होटल के कर्मचारी, वहां के गेस्ट को भी शामिल कर लेते हैं, वह दिलचस्प है। फिल्म कोविड के दौरान सिर्फ एक होटल में शूट की गई थी, लिहाजा निर्देशक उस होटल के हर हिस्से का उपयोग कर जाते हैं, वॉशरूम से लेकर डांस फ्लोर, कमरे और किचन तक। लेखन की बात करें तो फिल्म की पटकथा प्रेडिक्टेबल है, लेकिन चुस्त है। पूरी फिल्म के दौरान आप इस बात का अंदाजा लगाते रह जाते हैं कि आखिर कौन ज्यादा भ्रष्ट है। कौन सही है और कौन गलत। हालांकि, कुछ किरदारों की गहराई पर काम किया जा सकता था। एक्शन कोरियोग्राफी फिल्म की हाईलाइट है।
अभिनय
एक पिता और अंडरकवर कॉप सुमैर के किरदार में शाहिद कपूर काफी जंचे हैं। इमोशन सीन्स हों या खतरनाक एक्शन, शाहिद ने किरदार के हर भाव को मजबूती के साथ पकड़ा है। साथ ही उनके किरदार में एक अतरंगीपना है, जो आपको यह निर्णय नहीं देता कि वो सही इंसान है या गलत। कोई शक नहीं कि यह शाहिद के अब तक के निभाए किरदारों में से कुछ अलग है। शाहिद कपूर में एक स्वैग और स्टाइल है.. और निर्देशक ने उसका इस्तेमाल किया है। नॉरकोटिक्स डिपार्टमेंस के अन्य अधिकारियों के किरदार में डायना पेंटी और राजीव खंडेलवाल ने अच्छा काम किया है। उन्हें अपनी अभिनय क्षमता दिखाने का पूरा मौका मिला है। हालांकि रोनित रॉय के किरदार को थोड़ा और मजबूत किया जा सकता था। ड्रग माफिया बने संजय कपूर कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाते हैं।
रेटिंग
ब्लडी डैडी एक्शन और स्टाइल से भरपूर फिल्म है, जिसे कुछ बेहतरीन कलाकारों का साथ मिला है। फिल्म में कुछ कमियां हैं, लेकिन कहानी इतनी तेजी से आगे बढ़ती है कि आप उसे इग्नोर कर देते हैं। फिल्मीबीट की ओर से शाहिद कपूर स्टारर ब्लडी डैडी को 3.5 स्टार।


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