भूल भुलैय्या फ़िल्म समीक्षा
सबसे पहले आपको ये बता दें की भूल भुलैय्या कॉमेडी फ़िल्म नही है. यह एक थ्रिलर है जो एंटरटेनमेंट के अंदाज़ मैं पेश की गयी है. भूल भुलैय्या 14 साल पुरानी मलयाली फ़िल्म का रीमेक है.
कहानी
बद्रिनारायण चतुर्वेदी (मनोज जोशी) एक ब्राह्मन परिवार के मुखिया हैं जो बहुत ही धार्मिक और अंधविश्वासी इंसान हैं. इनके बड़े भाई का बेटा सिद्धार्थ (शाइनी आहूजा) और उसकी पत्नी अवनी (विद्या बालन) अपने गाँव वापस आए हैं. अवनी जो की बहुत ही उत्साही और साहसिक लड़की है, एक ऐसे कमरे को खोलती है जो भूतों का कमरा कहलाता है. और उसके बाद ही हादसे होने शुरू हो जाते हैं. इसी सिलसिले में सिद्धार्थ अपने डॉक्टर मित्र (अक्षय कुमार) को बुलाता है.
इन सभी घटनाओं के पीछे कौन हैं? क्या इसका वाकई में भूतो से कोई रिश्ता है? जानने के लिए देखिए भूल भुलैयया...
भूल भुलैय्या फ़िल्म समीक्षा
प्रियदर्शन के द्वारा पेचीदा स्क्रिप्ट बहुत ही अच्छी तरह से निर्देशित की गयी है. वास्तविक कहानी से हटकर कुछ बदलाव किए हैं. फ़िल्म के पहले हिस्से में आप हल्की-फुल्की कॉमेडी देखेंगे. ग़ौरतलब है की अक्षय कुमार ने केवल 45 मिनट की पारी खेली है जो फ़िल्म का पूरा रुख़ बदल देती है. फ़िल्म का दूसरा हिस्सा मनोवैज्ञनिकता पर आधारित है. कुल मिलाकर एक सफल फ़िल्म की सारी ख़ूबियों से भरपूर है और इसके साथ ही फ़िल्म का संगीत उम्दा है. 'अल्लाह हाफ़िज़' और 'हरे राम हरे कृष्णा' गीत सभी की ज़ुबान पर छाया हुआ है. विद्या बालन के अब तक के फ़िल्मी सफ़र की बेहतरीन फ़िल्म इसे कहा जा रहा है. शाइनी आहूजा ने भी अच्छा अभिनय किया है. अमीशा पटेल का भी ठीक योगदान है. इन सबके अलावा परेश रावल, राजपाल यादव, और असरानी ने अपना बेहतरीन दिया है. अब देखना है की फ़िल्म कितना व्यवसाय कर पाती है ?


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