Bholaa Movie Review: दमदार एक्शन और इमोशन से बांधे रखती है अजय देवगन, तबू की ये फिल्म

निर्देशक- अजय देवगन
कलाकार- अजय देवगन, तबू, दीपक डोबरियाल, संजय मिश्रा, विनीत कुमार, गजराज राव, मकरंद देशपांडे, अमाला पॉल, हिरवा त्रिवेदी
"एक रात, एक चट्टान और सौ शैतान", अजय देवगन की 'भोला' इन्हीं चंद शब्दों में छिपी है। महज एक रात की इस कहानी में एक्शन है, इमोशन है, कुछ बड़े ट्विस्ट हैं और एक तरह की इंटेनसिटी है, जो आपको बांधे रखती है। ये एक्शन थ्रिलर 2019 में आई तमिल फिल्म 'कैथी' की आधिकारिक हिंदी रीमेक है, जिसका निर्देशन लोकेश कनगराज ने किया था।
फिल्म एक पिता की कहानी है, जो 10 साल जेल में गुजारने के बाद, बाहर निकलकर सबसे पहले अपनी बेटी से मिलना चाहता है। लेकिन उसकी मंजिल एक ऐसे रास्ते से होकर निकलती है, जहां उसका सामना 'सौ शैतान' से पड़ता है। भोला एक एक्शन- थ्रिलर है, लेकिन इसकी कहानी का आधार इमोशनल है।
कहानी
भोला (अजय देवगन) जेल में 10 सालों की सजा गुजारकर बाहर निकला है और अब उसकी एक ही मंजिल है। वो अपनी बेटी से मिलना चाहता है, जो अनाथालय में पल बढ़ रही होती है। पुलिस भोला को लेकर जा ही रही होती है, जब एक ऐसी घटना घटती है, जिससे पूरी पुलिस फोर्स संकट में फंस जाती है। 40 पुलिस अधिकारी एक साथ एक पार्टी में बेहोश हो जाते हैं और उन्हें जल्द से जल्द अस्पताल ले जाने की जरूरत है, अन्यथा सबकी जान जा सकती है। ऐसे में सभी को सही सलामत अस्पताल पहुंचाने की जिम्मेदारी आईपीएस डायना जोसेफ (तबू) पर पड़ती है। लेकिन वो जख्मी है। लिहाजा, डायना ना चाहते हुए भी भोला से मदद मांगती है। दोनों एक ट्रक में 40 बेहोश पुलिस अधिकारियों को भरकर अस्पताल ले जाने की मिशन पर निकल पड़ते हैं। लेकिन भोला नहीं जानता है कि वो एक रास्ते पर जा रहा है, जहां उसका सामना उन शैतानों से पड़ेगा, जो मौत बनकर रास्ते में खड़े थे। उसके एक तरफ थी बहादुर ईमानदार पुलिस अफसर डायना और दूसरी तरह ड्रग्स का धंधा करने वाला सिक्का गैंग, जो किसी भी तरह डायना से अपने 1000 करोड़ के ड्रग्स का पता पाना चाहते हैं। लेकिन ना डायना को और ना शैतानों को.. किसी को ये नहीं पता है कि वो एक चट्टान के सामने हैं, जो मौत तो महाकाल को चढ़ाकर कर आया है। भोला की पिछली जिंदगी की कहानी फिल्म के दूसरे हिस्से यानि की पार्ट 2 में दिखाया जाएगा।
अभिनय
अजय देवगन इस तरह के इंटेंस किरदारों में काफी प्रभावी लगते हैं। एक सीन में वो भावुक नजर आते हैं, तो दूसरे में रौद्र रूप धारण किये एक साथ दस- दस गुंडों को मारते दिखते हैं। फिल्म के कुछ एक्शन सीक्वेंस काफी अलग हैं और ये दिखता है कि अजय देवगन ने इस फिल्म पर काफी मेहनत किया है। तबू के साथ उनके सीन्स बेहद नैचुरल लगते हैं। आईपीएस डायना के किरदार में तबू ने अपना परफेक्ट दिया है। हालांकि उनसे भी थोड़े और एक्शन सीन्स की अपेक्षा थी। खैर, दीपक डोबरियाल अपने किरदार अश्वथामा में हैरान करते हैं। कॉमेडी फिल्मों के बीच उन्हें इस तरह का निगेटिव रोल करते देखना अच्छा बदलाव लगा। सहायक किरदारों में संजय मिश्रा, विनीत कुमार, गजराज राव, मकरंद देशपांडे ने अच्छा काम किया है। अमाला पॉल कैमियो में आती हैं, लेकिन कुछ खास प्रभाव नहीं छोड़ पाती हैं।
निर्देशन
यू मी और हम, शिवाय और रनवे 34 के बाद, अजय देवगन के निर्देशन में बनी ये चौथी फिल्म है। शुरुआत से ही फिल्म के एक्शन सीन्स को लेकर काफी चर्चा थी और फिल्म देखने के बाद कह सकते हैं कि बतौर निर्देशक अजय देवगन ने इस पर काफी मेहनत की है। वहीं, एक्शन के साथ साथ इमोशन का मेल भी महत्वपूर्ण होता है, जो भोला में दिखा है। खास बात ये है कि अजय देवगन ने भोला को ओरिजनल फिल्म से थोड़ी अलग रखने की कोशिश है। शायद ये बात फिल्म के पक्ष में काम करती है। साथ ही तबू को फिल्म में लेने का निर्णय बेहद सटीक दिखता है। फिल्म के स्क्रीनप्ले में थोड़ी कमियां दिखती हैं, खासकर फर्स्ट हॉफ में। साथ ही किरदारों की गहराई पर थोड़ा और काम किया जा सकता था।
तकनीकी पक्ष व संगीत
फिल्म का संगीत रवि बसरूर द्वारा रचित है जबकि गीत इरशाद कामिल द्वारा लिखे गए हैं। "नज़र लग जाएगी" के अलावा हालांकि फिल्म का कोई गाना याद नहीं रह जाता। बैक्रग्राउंड में "आज फिर जीने की तमन्ना" आपका ध्यान खींचती है, लेकिन खास प्रभावी नहीं है। फिल्म की सिनेमेटोग्राफी की है असीम बजाज ने, जो कि काफी असर डालती है। फिल्म महज एक रात और दो सेटअप में फिल्माई गई है। एक तरफ लालगंज थाना की कहानी दिखती है, तो दूसरी तरफ ट्रक में बैठे भोला और डायना की। लेकिन असीम बजाज के कैमरे का कमाल है कि हर पल आपको कुछ रोमांचक देखने का मौका मिलता है। फिल्म की एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर पर थोड़ा और काम किया जा सकता था।
रेटिंग
अजय देवगन और तबू की 'भोला' स्क्रीनप्ले में कुछ कमियों के बावजूद प्रभावित कर जाती है। फिल्म के डायलॉग्स और एक्शन काफी दमदार है। खासकर यदि आप अजय देवगन के फैन हैं तो आपको भोला जरूर थियेटर में जाकर ही देखनी चाहिए। कोई शक नहीं कि ये बड़ी स्क्रीन पर एक खास अनुभव देती है। फिल्मीबीट की ओर से भोला को 3.5 स्टार।


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