For Quick Alerts
    ALLOW NOTIFICATIONS  
    For Daily Alerts

    'भारत' फिल्म रिव्यू: ऐवरेज कहानी को बचाती है सलमान- कैटरीना की बेहतरीन कैमिस्ट्री

    |

    Rating:
    2.5/5

    'जितने सफेद बाल मेरे सिर और दाढ़ी में हैं, उससे कहीं ज्यादा रंगीन मेरी जिंदगी रही है'

    Bharat Public Review: Salman Khan | Katrina Kaif | Disha Patani | Sunil Grover | FilmiBeat

    इसी के साथ शुरु होता है भारत (सलमान खान) का सफर। 70 वर्षीय भारत अपनी दुकान को बिकने से बचाने से गुडों से लड़ते हैं क्योंकि उस दुकान से उनकी भावनाएं जुड़ी हैं और कुछ कहानी भी। यह कहानी बताने के लिए फिल्म हमें लगभग 60 साल पीछे ले जाती है।

    bharat

    भारत- पाकिस्तान विभाजन का समय है और सभी हिंदू परिवारों की भांति भारत (सलमान) का परिवार भी अपने वतन आने वाली आखिरी ट्रेन में चढ़ने की जद्दोजहद करते हैं। इस भाग दौड़ में भारत की छोटी बहन और उसके पिता (जैकी श्राफ) पाकिस्तान में ही छूट जाते हैं। जुदा होते होते पिता भारत से वादा लेते हैं कि जब तक वह वापस ना आ जाएं, वह हमेशा अपने परिवार को ख्याल रखेगा, उन्हें एक रखेगा। पिता का वादा भारत के दिलों दिमाग पर छप जाता है।

    भारत की कहानी

    भारत की कहानी

    मां (सोनाली कुलकर्णी), दो बहनें और छोटे भाई की जिम्मेदारी लिए भारत अपनी बुआ के घर पहुंचता है और फिर उन्हीं के साथ रहता है। बुआ का जनरल स्टोर भारत को अपनी जान से भी प्यारा है क्योंकि पिता का वादा है कि वह वहीं आकर मिलेंगे।

    इस दौरान उसकी दोस्ती होती है विलायती (सुनील ग्रोवर) से। दोनों की दोस्ती फिल्म को काफी हद तक प्रभावी बनाती है।

    ''भारत'' में 1947 से लेकर 2000 तक का समय दिखाया गया है। इस दौरान भारत और विलायती अलग अलग तरह नौकरियां करते हैं। कई बार जान की बाजी भी लगाते हैं। 1960 के दशक में दोनों ग्रेट रशियन सर्कस का हिस्सा बनते हैं। तो 1970 में मजदूर बनकर खाड़ी देशों में जाते हैं। वहां से लौटकर अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए तीसरी नौकरी भारत को ले जाती है मर्चेंट नेवी में।

    भारत की कहानी

    भारत की कहानी

    इस बीच भारत की मुलाकात होती है कुमुद (कैटरीना कैफ) से, जो कि खुले विचार वाली मजबूत किरदार के रुप में सामने आती हैं। सलमान- कैटरीना की कैमिस्ट्री फिल्म में देखते बनती है।

    अंत तक आते आते फिल्म की कहानी इमोशनल हो जाती है। तमाम जिम्मेदारियों को निभाने के बाद क्या भारत को अपने खोए पिता और छोटी बहन मिल पाएंगे? यह देखने के लिए आपको थियेटर तक जाना पड़ेगा।

    अभिनय

    अभिनय

    भारत के किरदार में सलमान खान को निर्देशक ने अपने भाव को दिखाने का पूरा मौका दिया है। गंभीरता, कॉमेडी, संवेदनशीलता, एक्शन.. इस फिल्म में सलमान खान ने हर पहलू को छुआ है। हालांकि बुढ़ापे को निभाने में थोड़ी कमी नजर आई। वहीं, कैटरीना कैफ ने भी कुमुद के साथ पूरा न्याय किया है। कुछ सीन में उन्होंने जबरदस्त का हावभाव दिखाया है।

    दिशा पटानी अपने छोटे से रोल में आकर्षक लगी हैं। जैकी श्राफ, सोनाली कुलकर्णी, बिजेन्द्र काला, सतीश कौशिक, आसिफ शेख अपने किरदारों में सराहनीय हैं। जबकि विलायती के रोल में सुनील ग्रोवर ने बेहद उम्दा काम किया है। निर्देशक ने उन्हें किरदार को निखारने का पूरा मौका दिया है और सुनील ग्रोवर ने उस मौके का भरपूर फायदा उठाया है। सलमान खान के साथ सुनील के कॉमेडी सीन्स जहां हंसाते हैं, वहीं इमोशनल सीन में भी दोनों जिगरी यार लगे हैं। छोटे से रोल में तबू प्रभावी हैं।

    निर्देशन

    निर्देशन

    सुल्तान और टाईगर जिंदा है जैसी फिल्मों के निर्देशक अली अब्बास जफर यहां थोड़े कमजोर नजर आए। फर्स्ट हॉफ में पटकथा कमजोर दिखी, लेकिन सेकेंड हॉफ में निर्देशक ने संभाल लिया। फिल्म बोर नहीं करती है, लेकिन खास उत्साह भी नहीं जगाती। फर्स्ट हॉफ में कुछ सीन ढूंसे हुए से लगे। तो कुछ किरदारों को यूं ही छोड़ दिया गया है।

    अली अब्बास जफर के साथ अच्छी बात है कि वह सलमान खान के ऑडियंस को भली भांति पहचानते हैं। लिहाजा, उन्होंने कोरियन फिल्म (Ode To My Father) की रीमेक होने के बावजूद भारत में हर मसाला डालने की कोशिश की है.. चाहे वह सीटीमार डायलॉग्स हो या एक्शन सीन्स।

    संगीत

    संगीत

    टाइटल ट्रैक 'जिंदा' को छोड़कर फिल्म में विशाल- शेखर का संगीत ऐवरेज है। फिल्म के गाने टाइमपास हैं और कहानी को लंबा करते हैं।

    ढ़ाई स्टार

    ढ़ाई स्टार

    ईद पर मौके पर आई सलमान खान की 'भारत' आपको इंटरटेन करेगी। सलमान खान फैंस फिल्म को काफी एन्जॉय कर सकते हैं। फिल्म ज्यादा समय तक आपके साथ नहीं टिकेगा, लेकिन एक बार जरूर देखा जा सकता है। हमारी ओर से फिल्म को ढ़ाई स्टार।

    English summary
    Bharat Film Review: This Salman Khan- Katrina Kaif starrer is surely one time watch. Ali Abbas Zafar's direction could be more crisp, but performances makes this film worth watch.
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X