Bastar: The Naxal Story Review:नक्सलियों की बर्बरता और एक आम जिंदगी को तरसते गांववालो की कहानी दिखाती है फिल्म

Star Cast: Adah Sharma, Shilpa Shukla, Yashpal Sharma, Subrat Dutta, Raima Sen, Anangsha Biswas, Anupam Joardar, Indira Tiwari, Kishore Kadam
Director: Sudipto Sen
Producer: Vipul Amrutlal Shah
Bastar: The Naxal Story Review: 'द केरल स्टोरी' की ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद, एक्ट्रेस अदा शर्मा, डायरेक्टर सुदीप्तो सेन और प्रोड्यूसर विपुल अमृतलाल शाह 'बस्तर: द नक्सल स्टोरी' के लिए फिर से एक साथ आए हैं। ये फिल्म 15 मार्च यानी आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। इस राजनीतिक थ्रिलर में अदा IPS अधिकारी नीरजा माधवन की भूमिका निभा रही हैं जो भारत से नक्सलियों को खत्म करने के लिए लड़ रही है।
इस फिल्म का टीजर और ट्रेलर जब से रिलीज हुआ है, तभी से ये फिल्म चर्चा का विषय बन गई है। कई लोगों ने इसे प्रोपोगैंडा मूवी कहा तो कई लोगों इस फिल्म को एंटी JNU भी कहा। लेकिन फिल्म की एक्ट्रेस लगातार अपनी इस फिल्म के सपोर्ट में खड़ी रहीं और बताती रहीं कि फिल्म का असली मकसद नक्सलवाद की सच्चाई सामने लाना है।
क्या है कहानी
कहानी शुरू होती है कोर्टरूम ड्रामा के साथ, जहां पर जज साहब के सामने ये अपील की जाती है कि सलवा जुडूम को बैन किया जाए। ये वही सलवा जुडूम है, जिसकी अगुवाई नीरजा माधवन(अदा शर्मा) कर रही है। नीरजा का एक ही मकसद है- बस्तर से माओवाद और नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ फेंकना। वो प्रेग्नेंट है लेकिन फिर भी अपने मकसद से पीछे नहीं हट रही है और अपनी प्रेग्नेंसी की भी फिक्र नहीं कर रही है।
बस्तर के गांव के लोग दहशत में हैं क्योंकि अगर वो पुलिस का साथ देते हैं तो नक्सली उन्हें नहीं छोड़ते और अगर वो नक्सली का साथ देते हैं तो पुलिस उन्हें बख्शती। दोनों ही सूरतों में बस्तर वाले ही पिसते हैं, गांववालों के मन में हमेशा खौफ ही बना रहता है। हर कोई इस आतंकवाद से निजात पाना चाहता है लेकिन कदम उठाने की हिम्मत किसी के अंदर नहीं होती। इस फिल्म में अदा शर्मा तो लीड एक्ट्रेस है ही लेकिन एक और कैरेक्टर है, जिसने फिल्म में जान डाल दी है।
फिल्म में काफी बर्बरता दिखाई गई है। हर तरफ मार-धाड़, खून-खराबा। नक्सलियों का बेहद उग्र रूप दिखाया गया है, जो काफी निर्दयी हैं और उनके हिसाब से जो दोषी पाया जाता है उसे तड़पा-तड़पा कर मौत देते हैं। फिल्म में कई जगहों पर नक्सलियों की बेदर्दी आपको उन पर गुस्सा भी दिला सकती है। इस फिल्म में 2010 का नक्सली हमला भी दिखाया गया है, जिसमें 76 जवानों को मौत के घाट उतार दिया जाता है।
कैसी है एक्टिंग
इस फिल्म की लीड एक्ट्रेस अदा शर्मा शुरुआत में तो थोड़ी कमतर नजर आती हैं लेकिन जैसे-जैसे फिल्म आगे बढ़ती है, वो बेहद खूबसूरती के साथ अपने रोल को निभाती नजर आती हैं। इस फिल्म में राइमा सेन ने भी बहुत अच्छा काम किया है जो कि एक लेखिका का रोल निभा रही हैं और बस्तर के माओवादियों को सपोर्ट कर रही हैं। बस्तर की दिलेर गांव वाली के रूप में इंदिरा तिवारी बेहद बेहतरीन काम किया है और विलेन लंका रेड्डी का रोल निभाने वाले विजय कृष्णा ने तो कमाल ही कर दिया है।
फिल्म का डायरेक्शन
फिल्म में कई कड़ियों को जोड़ा गया है लेकिन बीच-बीच में फिल्म कहीं छूटती हुई सी नजर आती है। हालांकि, फिल्म का सब्जेक्ट अच्छा है तो कई सीन आपको फिल्म से जोड़कर भी रखेंगे। फिल्म में गाने बेहद कम है लेकिन कहानी के लिहाज से बेहद फिट बैठते हैं। ये फिल्म आपको इमोशन के रोलर कोस्टर पर लेकर जाएगी। एक पल आपको दुख होगा, तो दूसरे ही पल आपके चेहरे पर मुस्कान आएगी। एक पल में आपको गुस्सा आएगा तो दूसरे ही पल आपके दिल को सुकून भी मिलेगा।


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