ना हंसी आई ना रोना- बजाते रहो रिव्यू
विनय पाठक, रणवीर शोरे, रवि किशन जैसे कॉमेडी के महारथियों के होने के बावजूद सशांत शाह की कॉमेडी फिल्म बजाते रहो में कॉमेडी के नाम पर कुछ भी नहीं दिखा। फिल्म बजाते रहो में एक बार फिर से तुषार कपूर ने निराश किया और विशाखा के साथ उनके रोमांटिक सीन्स भी बेजान ही नज़र आए। हालांकि विनय पाठक और रणवीर शोरे ने मिलकर कई बार काफी अच्छी कॉमेडी करके लोगों को हंसाने की पूरी कोशिश की लेकिन इसके बावजूद फिल्म बजाते रहो को देखकर दर्शक काफी निराश हुए। फिल्म की कहानी काफी स्लो थी और साथ ही फिल्म में गानों के नाम पर भी सिर्फ दो गाने ही दिखे जिनका पिक्चराइजेशन कुछ खास नहीं था।
फिल्म बजाते रहो का निर्देशन शशांत शाह ने किया है और फिल्म को लेकर पूरी स्टार कास्ट काफी उत्साहित थी। आज यानी 26 जुलाई को ही फिल्म बजाते रहो सिनेमाहॉलों में रिलीज हो रही है। फिल्म बजाते रहो के नाम से ही काफी लोगों को लगा था कि फिल्म बहुत कॉमेडी भरी और इंटरेस्टिंग होगी। लेकिन फिल्म को देखने के बाद फिल्में में काफी कमियां नज़र आई। बजाते रहो फिल्म में रवि किशन का किरदार भी काफी थका हुआ सा नजर आया। फिल्म में तुषार कपूर की एक्टिंग में कोई दम नहीं था। हालांकि बीच बीचमें विनय पाठक और रणवीर शोरे ने काफी अच्छे सीन्स दिये लेकिन उसके बावजूद फिल्म थो़ड़ी सी बोरिंग जरुर लगी।
विनय पाठक से लोगों को सबसे ज्यादा उम्मीदें थीं क्योंकि उन्होंने अभी तक कई सारी बेहतरीन कॉमेडी फिल्में दी हैं। उनके नाम को सुनने के बाद सभी को लगाथा कि बजाते रहो भी एक मस्त कॉमेडी फिल्म होगी। बजाते रहो की कहानी जानने के लिए पढ़ें स्लाइड्स।


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