नवाज़ के नाम रही बदलापुर- फिल्म रिव्यू
स्टार- 3.5
हम इंसानो को जीने के लिए किसी ना किसी वजह की जरुरत होती है और अक्सर वो वजह हमें हमारे प्यार भरे रिश्तों मे मिलती है। लेकिन अगर किसकी जीने की वजह उसके दिल से जुड़े रिश्तों को ही खत्म कर दिया जाए तो भला उसकी क्या स्थिति होगी और उसकी जिंदगी का क्या मकसद रह जाएगा, सिर्फ बदला। तो कुछ यही स्थिति है फिल्म बदलापुर के हीरो रघु की।
कहानी
बदलापुर की एक बहुत ही आम से इंसान रघु (वरुण धवन) की कहानी है जिसकी पत्नी यामी गौतम और बेटा रॉबिन घर से बाहर जाते हैं और बैंक में हुई एक डकैती के दौरान दो चोरों लायक (नवाजुद्दीन सिद्दिकी) और हरमन (विनय पाठक) के हत्थे चढ़ जाते हैं। लायक यामी को गोली मार देता है और वहीं रॉबिन कार से गिरकर मर जाता है। पुलिस लायक को पकड़ लेती है और लायक बताता है कि उसने नहीं बल्कि उसके साथी ने गोली मारी थी। लेकिन वो हरमन का नाम नहीं बताता।
रघु अपनी नौकरी छोड़कर बदलापुर रहने चला जाता है और वहां पर रहकर लायक की सजा के खत्म होने का इंतजार करता है कि जब वो जेल से बाहर आएगा तो अपने दोस्त से मिलेगा तब रघु को पता चलेगा कि किसने उसकी पत्नी को मारा था। और तब वो अपनी पत्नी व बेटे की मौत का बदला ले सकेगा। इस दौरान फिल्म में झिमली (हुमा कुरैषी) और शोभा (दिव्या दत्ता) की एंट्री होती है और फिल्म कई नये मोड़ लेती है।
रुघु अपना बदला कैसे पूरा करता है और उसकी खुद की जिंदगी का क्या होता है ये जानने के लिए तो आपको फिल्म देखने जाना होगा लेकिन फिल्म से जुडी कुछ खास बातें जरुर हम आपको बता सकते हैं-


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