Badhaai Ho Movie Review: मम्मी-पापा के प्यार की नई परिभाषा, ये फैमिली आपका दिल जीत लेगी
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एक बार आपको प्यार मिल जाता है तो बस मिल जाता है। प्यार की कोई उम्र नहीं होती। लेकिन तब क्या होता है जब आप खुद पूरी तरह एडल्ट हो चुके हैं और तभी आप अपनी उम्र दराज मां को प्रेग्नेंट पाते हैं। हमारी सभ्यता में ये एक्सेप्ट करना काफी मुश्किल हो जाता है कि माता-पिता भी इस उम्र में कामुक रिलेशनशिप बना सकते हैं। अमित शर्मा की बधाई हो कुछ ऐसी ही सच्चाई दिखाने की कोशिश करती है।
ये फिल्म आपको कौशिक की मिडिल क्लास फैमिली में ले जाती है, जो दिल्ली में सेटल है। घर के मुखिया जीतेंद्र (गजराज राव) हैं जो रेलवे में टिकट चेकर हैं। जीतेंद्र फिजूल खर्ची में विश्वास नहीं करते। वे अपनी पत्नी प्रियमवदा (नीना गुप्ता) से बहुत प्यार करते हैं। वे काफी शांति से काम लेते हैं जब उनकी बूढ़ी मां (सुरेखा सीकरी) उन्हें भला-बुरा सुनाती रहती हैं। कौशिक दो बेटे हैं नकुल (आयुश्मान खुराना) और छोटा बेटा गुल्लर

इन सबकी लाइफ में एक अजीब सी परिस्थिति तब आती है जब दो बेटों (जिनमें से एक की शादी होने वाली है) के ये माता-पिता गलती से प्रेग्नेंट हो जाते हैं। ये भी कोई मम्मी-पापा के करने की चीज है? नकुल अपने मन की ऐसी हालत गर्लफ्रेंज रिनी (सान्या मल्होत्रा) के सामने मेकआउट के वक्त बयान करता है। दूसरी तरफ गुल्लर भी 'छोटे मेहमान' के आने से खुश नहीं है। इसी बीच दादी इसी बात से परेशान हैं कि 'टाइम कहां से मिल गया तुझको'
इसके बाद कौशिक फैमिली में शुरू हो जाता है टिपिकल 'लोग क्या कहेंगे ड्रामा' और इस अजीब सिचुएशन से नकुल और रिनी के रिलेशनशिप पर भी असर पड़ता है।
बधाई हो! आयुष्मान खुराना-सान्या मल्होत्रा की ये फिल्म वाकई किसी 'गुड न्यूज' से कम नहीं है। फिल्म की हर बात प्वाइंट पर और सटीक है। हमारी तरफ से इस फिल्म को 3.5 स्टार।


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