Movie Review: अक्षय कुमार का दमदार मिशन है "बेबी"
"सुना था कसाब को एसी वाला कमरा दिये थे, उससे तो ज्यादा ही किये हैं हम", "नाड़ा तो बांधना आता नहीं चले हैं जिहादी बनने।" कुछ ऐसे ही ट्रिगर जैसे डायलॉग्स हैं अक्षय कुमार की फिल्म बेबी में। बेबी फिल्म का नाम भले ही आपको बड़ा ही हल्का व मजेदार लगे लेकिन फिल्म काफी दमदार और गंभीर मुद्दों पर आधारित है। फिल्म कितनी दमदार है यह उसी से पता चलता है कि इंडियन आर्मी और रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर के लिये इसकी स्पेशल स्क्रीनिंग की गई। तो चलिये ले चलते हैं अक्षय कुमार के स्पेशल मिशन "बेबी" तक।
फिल्म बेबी में अक्षय कुमार, केके मेनन, डैनी और अनुपम खेर मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म का निर्देशन किया है नीरज पांडे ने। बेबी की कहानी कुछ ऐसी है कि भारत पुलिस की तरफ से एक ग्रुप बनाया जाता है, जो इंडिया में पाकिस्तान की तरफ से किये जाने वाले हमलों को रोकने व देश में आतंकवाद फैला रहे ग्रुपों के सदस्यों को रोकने का प्रयास किया करते हैं।
इस ग्रुप के लीडर हैं फिरोज (डैनी) ग्रुप के सदस्यों में अक्षय कुमार, अनुपम खेर शामिल हैं। पाकिस्तान द्वारा भारत में रह रहे मुस्लिम लोगों को धर्म की आड़ में बहलाकर जिहादी बनने पर मजबूर किया जाता है और इस बात पर बेबी फिल्म में जोर दिया गया है।
डैनी के किरदार फिरोज द्वारा जब ये बात देश के आला अफसरों से कही जाती है कि जब तक हमारे देश में आकर पाकिस्तानी इसी देश के लोगों को इस बात का यकीन दिला रहे हैं कि वो लोग इस देश के नहीं हैं और यहां पर सुरक्षित नहीं हैं तब तक हम इस देश को सुरक्षित नहीं कह सकते औऱ ना किसी और पर पूरा आरोप लगा सकते हैं। कहीं ना कहीं हमारी भी गलती है।
रिव्यू को तस्वीरों के साथ स्लाइडर में पढ़ें-


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