REVIEW: सलमान, शाहरूख खान हैं क्या.. जो 'बार बार देखो'!
फिल्म- बार बार देखो
ये इश्क नहीं आसां.. बस इतना समझ लीजिए!
नित्या मेहरा के निर्देशन में बनी फिल्म 'बार बार देखो' में कैटरीना कैफ- सिद्धार्थ मल्होत्रा दर्शकों को यही समझाते दिखेंगे कि प्यार निभाना या किसी भी रिलेशन को बनाए रखना कितना मुश्किल है।
टाइम ट्रैवल पर आधारित इस कहानी में प्यार है, इमोशन है, कॉमेडी है और ट्विस्ट भी है.. साल 1990 से लेकर 2045 की पूरी कहानी.... लेकिन फिल्म में basic कमी है- अच्छे एक्टर और अच्छे निर्देशन की..
सीधी बात है.. यदि फिल्म में शाहरूख, सलमान हों तो निर्माता- निर्देशक फिल्म की कहानी के साथ रिस्क ले भी सकते हैं। क्योंकि फैंस उनकी फिल्म कितनी बार भी देख सकते हैं.. लेकिन कैट- सिद्धार्थ को लेकर ऐसा रिस्क लेना.. मंहगा पड़ सकता है।

नीचे पढ़ें फिल्म बार बार देखो की पूरी समीक्षा-
कहानी-
फिल्म की कहानी है जय वर्मा (सिद्धार्थ मल्होत्रा) और दीया (कैटरीना कैफ) की। जय एक महान् गणितज्ञ हैं। नंबर्स से खेलना जहां जय के चुटकियों वाला काम है.. वहीं प्यार को समझने के मामले में वह काफी कमजोर है। जय के चेहरे पर हमेशा एक अजीब का हावभाव बना रहता है। जबकि दीया का सिर्फ एक लक्ष्य है.. वह है मिसेज वर्मा बनना। दीया एक आर्टिस्ट हैं.. जिन्हें जिंदादिली से जीना पसंद है।
कहानी में ट्विस्ट-
जय और दीया की शादी होने वाली होती है। लेकिन शादी के ठीक एक दिन पहले ही जय को टाइम ट्रैवल का पॉवर मिल जाता है। वह चाहे तो किसी भी समय में पहुंच सकता है। अचानक ही वह अपनी पत्नी के साथ थाईलैंड में हनीमून मना रहा है.. तो अचानक लंदन में पत्नी की डिलेवरी.. वहीं, सालों बाद अपने रिटायरमेंट का समय भी जय देख सकता है। बहरहाल, इन सब का अंत कहां और कैसे होता है.. यह देखने के लिए आपको सिनेमाघर तक जाना पड़ेगा..
अभिनय-
जय और दीया के किरदार में सिद्धार्थ और कैटरीना ठीक लगे हैं। जी हां, सिर्फ ठीक.. परफेक्ट नहीं। कहीं ना कहीं, फिल्म को एक दमदार स्टारकास्ट की जरूरत थी।
निर्देशन-
नित्या मेहरा की निर्देशन काफी कमजोर है। उन्होंने अपने कंधों पर काफी भारी भरकम कहानी ले ली। फिल्म का सेकेंड हाफ आपको बोर कर देगा।
म्यूजिक-
म्यूजिक के मामले में फिल्म परफेक्ट है। फिल्म का म्यूजिक कंपोज किया है- अमाल मलिक, बादशाह, जसलीन रॉयल और बिलाल सईद ने.. फिल्म के गाने काफी catchy हैं.. जो आपको गुनगुनाने पर मजबूर कर देंगे।
तकनीकी पक्ष-
फिल्म का फर्स्ट हाफ सीधा सा है। लेकिन सेकेंड हाफ में काफी कमी है। कुल मिलाकर फिल्म के निर्देशन पर थोड़ा और ध्यान दिया जा सकता था। फिल्म की सिनेमेटोग्राफी अच्छी है। फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर भी काफी अच्छा है।
अच्छी बातें-
यह एक खूबसूरत फिल्म है। सुंदर लोकेशन.. कैटरीना कैफ का बदला अंदाज, सिद्धार्थ की स्टाइल.. सब कुछ आपको देखने में काफी अच्छा लगेगा। वहीं, फिल्म का म्यूजिक को आपको पसंद है ही।
निगेटिव बातें-
फिल्म की ढ़ीली कहानी, कमजोर निर्देशन और कैटरीना- सिद्धार्थ की एक्टिंग.. कहीं ना कहीं ये सब बातें आपको बोर कर देगी।


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