Baaghi 4 Review: फर्स्ट हाफ में जबरदस्त सस्पेंस, टाइगर श्रॉफ का दिखा खूंखार अवतार, विलेन बनकर छाए संजय

Baaghi 4 Movie Review: टाइगर श्रॉफ, हरनाज संधू स्टारर फिल्म बागी 4 आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। ये फिल्म बागी फ्रेंचाइजी की चौथी फिल्म है और इस फिल्म से हरनाज संधु ने अपना बॉलीवुड डेब्यू किया है। लेकिन आपको ये फिल्म देखनी चाहिए या स्किप करनी चाहिए, आइए इस रिव्यू में जानें।
क्या है कहानी?
इस फिल्म की कहानी है एक ऑफिसर रॉनी की जिसका एक्सीडेंट हो जाता है और वो कोमा में चला जाता है। जब वो कोमा से जागता है तो वो बार-बार एक लड़की का नाम लेता है- अलीशा। लेकिन उसे पता चलता है कि असलियत में अलीशा नाम की कोई लड़की है ही नहीं। लेकिन रॉनी की यादों में अलीशा का अक्स साफ है, उसे अलीशा के साथ बिताई सारे पल याद हैं। लेकिन असल जिंदगी में वो अलीशा नाम की कोई लड़की है ही नहीं।
रॉनी जगह-जगह अलीशा को ढूंढ़ता है लेकिन उसे कहीं भी अलीशा का पता नहीं चलता। वो अलीशा से जुड़े लोगों को कॉन्टैक्ट करने की कोशिश करता है लेकिन सब उसे झूठा साबित कर देते हैं। रॉनी का भाई उसे समझाता है कि उसे बस वहम हो रहा है क्योंकि उसके सिर पर चोट लगी है। असल जिंदगी में कोई में अलीशा नहीं है। लेकिन फिर रॉनी के भाई(श्रेयस तलपड़े) का मर्डर हो जाता है और उस मर्डर से रॉनी को पता चलता है कि अलीशा असलियत में है और उसे किसी ने छिपा रखा है।
अब वो अपनी अलीशा से कैसे मिल पाएगा और किस मकसद से अलीशा को छिपाया गया है, ये जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।
कैसी है फिल्म
फिल्म का फर्स्ट हाफ आपको थोड़ा यूनीक लगेगा। टाइगर ने रॉनी का किरदार निभाया है और रॉनी जिस तरह से अपनी आइडेंटिटी को लेकर परेशान होता है, उसमें आप भी थोड़ा खुद को परेशान पाओगे। फर्स्ट हाफ में काफी कन्फ्यूजन है कि क्या सच है, क्या झूठ। किस पर भरोसा करें, किस पर नहीं... लेकिन यही सस्पेंस इस फिल्म की जान है।
सैकेंड हाफ में संजय दत्त की फिल्म में एंट्री होती है और वो कमाल के विलेन लगे हैं। हालांकि वो स्क्रीन में थोड़े-थोड़े थके-थके नजर आ रहे हैं। हरनाज संधू का करैक्टर काफी अच्छा दिखाया है लेकिन उनकी डायलॉग डिलीवरी में अभी मैच्योरिटी नहीं दिखी।
फिल्म में कुछ-कुछ चीजें काफी अटपटी दिखाई गई हैं, जैसे- हरनाज और टाइगर के बीच बहुत जल्दी केमिस्ट्री बनना। संजय दत्त का भगवान को धमकी देना। अलीशा को जबरदस्ती अवंतिका बनाना आदि। फिल्म का कुछ हिस्सा काफी स्ट्रेच्ड भी लगा, जिसे अगर फिल्म में ना जोड़ा जाता तो भी चल सकता था।
कैसी है एक्टिंग
टाइगर श्रॉफ ने इस फिल्म में काफी अच्छी एक्टिंग की है या यूं कहें कि ये उनकी कमबैक फिल्म बन सकती है। फिल्म में हरनाज को काफी अच्छा रोल दिया गया था और वो काफी खूबसूरत भी लग रही हैं लेकिन वो अपने रोल के साथ ज्यादा जस्टिस नहीं कर पाईं। संजय दत्त हर बार की तरह काफी बेहतरीन लगे हैं। सौरभ सचदेवा तो हैं ही कमाल के एक्टर, उनकी स्क्रीन प्रेजेंस काफी बेहतरीन लगी है। सोनम बाजवा का इस फिल्म में छोटा रोल है। हालांकि, उन्होंने अपने रोल में जान डालने की कोशिश की है लेकिन कम स्क्रीन स्पेस मिलने की वजह से वो अपना जादू नहीं दिखा पाई हैं।
फाइनल रिव्यू
अगर आपको रोमांस और एक्शन का कॉम्बिनेशन चाहिए तो आप इस फिल्म को देख सकते हैं। ये एक एंटरटेनिंग फिल्म है। इसमें कई कैरेक्टर ऐसे हैं, जो स्क्रीन पर आकर आपको हंसाएंगे जैसे ASP के रोल में उपेंद्र लिमाए। ये फिल्म और बेहतर हो सकती थी अगर डायरेक्शन को और ज्यादा साधकर रखा जाता तो... ये फिल्म वन टाइम वॉच है। इस फिल्म को फिल्मीबीट हिंदी की तरफ से मिलते हैं 3 स्टार।


Click it and Unblock the Notifications











