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    AMAVAS REVIEW: नरगिस फाखरी और सचिन जोशी की फिल्म- बेदम कहानी फिल्म को बोरिंग बनाती है

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    Rating:
    1.0/5

    हे भगवान ये क्या हो रहा है..इस शब्द के साथ अहाना (नरगिस फाखरी) का पहला सीन सामने आता है और वो एक ऐसी डरावनी धार्मिक पर जगह खुद को पाती हैं जिस जगह के बारे में उनको जरा से भी अंदाजा नहीं होता है। इस सीन के बाद ही आप अपने आपको सीट में फंसा हुआ महसूस करेंगें और सोचेंगे कि कितनी जल्दी आप इस सब से छुटकारा पाएं।

    फिल्म की कहानी शुरु होती है...एक व्यक्ति आपको अंधेरी रात में मौत के डर सहमा हुआ सा नजर आता है। जो एक हवेली में मंत्रो के जाप के बीच दिखता हैं और ऐसा लगता है कि यहां पर कुछ होने वाला है लेकिन एक टिपिकल डरावनी फिल्म की तरह कहानी इस सीन के बाद आगे बढ़ जाती है। अगले ही सीन में एक पार्टी चल रही है और वहां फिल्म की मुख्य कलाकार अहाना और करण (सचिन जोशी) मिलते हैं और सचिन बेहद की अमीर और बिगडैल हैं।

    हे भगवान ये क्या हो रहा है..इस शब्द के साथ अहाना (नरगिस फाखरी) का पहला सीन सामने आता है और वो एक ऐसी डरावनी धार्मिक पर जगह खुद को पाती हैं जिस जगह के बारे में उनको जरा से भी अंदाजा नहीं होता है। इस सीन के बाद ही आप अपने आपको सीट में फंसा हुआ महसूस करेंगें और सोचेंगे कि कितनी जल्दी आप इस सब से छुटकारा पाएं।  फिल्म की कहानी शुरु होती है...एक व्यक्ति आपको अंधेरी रात में मौत के डर सहमा हुआ सा नजर आता है। जो एक हवेली में मंत्रो के जाप के बीच दिखता हैं और ऐसा लगता है कि यहां पर कुछ होने वाला है लेकिन एक टिपिकल डरावनी फिल्म की तरह कहानी ये सीन आगे बढ़ जाता है। अगले ही सीन में एक पार्टी चल रही होती है वहां फिल्म की मुख्य कलाकार अहाना और करण (सचिन जोशी) मिलते हैं और सचिन बेहद की अमीर और बिगडैल हैं। अहाना सचिन से कहती है कि वो अपने बच्चे की दूसरे सालगिरह उसी हवेली में मनाना चाहती है। ये बात सचिन को बिल्कुल भी पसंद नहीं आती क्योंकि उस हवेली में कई राज दफन होते हैं। जिसको सचिन सबके सामने नहीं आने देना चाहता है। सचिन ना चाहते हुए इस बात को मान लेता और अगले ही पल एक रोमांटिक गाने की शुरुआत होती है। जैसे ही गाना खत्म होता है करण अपने पहले प्यार माया ( नवनीत कौर ढिल्लन) के ख्यालों में खो जाते हैं और बीते पलों को याद करते हुए कुछ रोमांटिक सीन दिखाए जाते हैं। इसके बाद हवेली के अंदर का नजारा दिखता हैं जहां दोनो नाच गा रहे होते और सियारों की अवाज के बीच पर्दा उड़ता है और कुर्सी अपने आप हिलती है। निर्देशक ने इन सीन्स को काफी ज्यादा डरावना बनाने की कोशिश की है। इस फिल्म में कुछ अलग करने की कोशिश तो की गई है लेकिन फिल्म में डराने की सारी चालें पुरानी ही हैं। कुल मिलाकर ये तीन दोस्तों की कहानी है जो कि आपस में ही किसी गलतफहमीं का शिकार होकर अलग हो जाते हैं। अगर फिल्म नरगिस फाखरी और सचिन जोशी के अभिनय की बात करें तो दोनो ने काफी ज्यादा मेहनत की है और एक दूसरे को टक्कर देते हुए नजर आ रहें हैं। नवनीत कौर इस फिल्म के पूरे बैकग्राउंड मे काम करती हैं और अली असगर फिल्म में काफी ज्यादा हंसाते हुए नजर आएंगे तो वहीं मोना सिंह एक चिकित्सक के रुप में बेहतरीन परफॉर्मेंस देती हुई नजर आ रही हैं। इस फिल्म मे दिखाया गया कि पुरानी कब्रों से कभी छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए। फिल्म की कहानी, निर्दशन और अभिनय देखने के बाद इस फिल्म को 1 स्टार दिया जाता है।

    अहाना सचिन से कहती है कि वो अपने बच्चे की दूसरे सालगिरह उसी हवेली में मनाना चाहती है। ये बात सचिन को बिल्कुल भी पसंद नहीं आती क्योंकि उस हवेली में कई राज दफन होते हैं। जिसको सचिन सबके सामने नहीं आने देना चाहता है। सचिन ना चाहते हुए इस बात को मान लेता और अगले ही पल एक रोमांटिक गाने की शुरुआत होती है।

    जैसे ही गाना खत्म होता है करण अपने पहले प्यार माया ( नवनीत कौर ढिल्लन) के ख्यालों में खो जाते हैं और बीते पलों को याद करते हुए कुछ रोमांटिक सीन दिखाए जाते हैं। इसके बाद हवेली के अंदर का नजारा दिखता हैं जहां दोनो नाच गा रहे होते और सियारों की अवाज के बीच पर्दा उड़ता है और कुर्सी अपने आप हिलती है।

    review, nargis fakhri,  रिव्यू, नरगिस फाखरी

    निर्देशक ने इन सीन्स को काफी ज्यादा डरावना बनाने की कोशिश की है। इस फिल्म में कुछ अलग करने की कोशिश तो की गई है लेकिन फिल्म में डराने की सारी चालें पुरानी ही हैं। कुल मिलाकर ये तीन दोस्तों की कहानी है जो कि आपस में ही किसी गलतफहमीं का शिकार होकर अलग हो जाते हैं।

    अगर फिल्म नरगिस फाखरी और सचिन जोशी के अभिनय की बात करें तो दोनो ने काफी ज्यादा मेहनत की है और एक दूसरे को टक्कर देते हुए नजर आ रहें हैं। नवनीत कौर इस फिल्म के पूरे बैकग्राउंड मे काम करती हैं और अली असगर फिल्म में काफी ज्यादा हंसाते हुए नजर आएंगे..

    review, nargis fakhri,  रिव्यू, नरगिस फाखरी

    तो वहीं मोना सिंह एक चिकित्सक के रुप में बेहतरीन परफॉर्मेंस देती हुई नजर आ रही हैं। इस फिल्म मे दिखाया गया कि पुरानी कब्रों से कभी छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए। फिल्म की कहानी, निर्दशन और अभिनय देखने के बाद इस फिल्म को 1 स्टार दिया जाता है।

    English summary
    Nargis fakhri and Sachin joshi starrer film Amavas fail to impress audiences with the story. http://jupiter.greynium.com/index.php?module=article&class=ArticleManagement&action=add#english_summary_tab
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