रिश्तों के आसमां में खुद की पहचान ढूंढ़ता 'ये खुला आसमां'
निर्देशकः गीतांजली सिन्हा
संगीतः आन्नद, मिलिंद
कलाकारः आदित्य सिद्धू, अन्या आन्नद,रघूबीर यादव
रिलीज डेटः 25 मई 2012
रिश्तों पर बनीं फिल्में अक्सर दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच लाती हैं। इसी कड़ी में इस हफ्ते 25 मई को एक और फिल्म 'ये खुला आसमां' जुड़ने जा रही है। गीतांजली सिन्हा द्वारा निर्देशित यह फिल्म आधारित है उन युवाओं पर जो अपने माता पिता के द्वारा जीवन निर्वाह की आवश्यकताओं को पूरा करते करते उपेक्षित कर दिए जाते हैं।
ये कहानी है अविनाश की जो 12वीं क्लास का छात्र है और अपने माता पिता के साथ लंदन में रहता है। अविनाश के पेरेंट्स जो कि लंदन की विलासिता पूर्ण जिंदगी में इस कदर व्यस्त हैं कि भूल जाते हैं कि अविनाश को सुख सुविधाओं के साथ साथ उनके प्यार और साथ की भी जरुरत है। ऐसे में अविनाश अपने अकेलेपन से जूझता हुआ बिल्कुल तन्हा सा महसूस करता है और अवसाद से घिर जाता है।
फिर एक दिन अपनी इस ज़िंदगी से तंग आकर अविनाश अपने दादू (रघूबीर यादव) के पास भारत जाने का फैसला करता है। जहां उसे इस कदर टूटा हुआ सा देखकर उसके दादू उसे पतंगबाजी की एक प्रतियोगिता के ज़रिए ज़िदगी के खुले आसमां में स्वतंत्र हो अपनी एक पहचान बनाने के लिए प्ररित करते हैं।
अक्सर हम अपनी ज़िंदगी की आवश्यकताओं को पूरा करते करते अपनों को तन्हा छोड़ देते हैं और जब तक हमें अपनी गलतियों का एहसास होता है हमारी ज़िंदगी बहुत आगे बढ़ चुकी होती है। यह फिल्म ऐसी ही कुछ सम्स्याओं से हमें रुबरु कराएगी।
युवाओं के लिए यह फिल्म बहुत प्रेरणापूर्ण है उन्हें यह बताने की कोशिश की गई है कि ये ज़िंदगी उनकी ख़ुद की है और उन्हें इस ज़िंदगी की हर एक तकलीफ को मुस्कुराकर जीना चाहिए।
इस फिल्म के मुख्य किरदार हैं आदित्य सिद्धू, अन्या आन्नद,रघूबीर यादव, गुलशन पांडे, राज टंडन, मंजुषा गोडसे आदि। इसका संगीत दिया है आन्नद, मिलिंद ने। अब देखना यह है कि यह देश के युवाओं में कितना परिवर्तन ला पाती है।


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