सेल्सगुरु रॉकेटसिंह की सक्सेज के चाँस कम
निर्देशक - शमित अमीन
स्टार कास्ट - रनबीर कपूर, गौहर खान, शाहजहाँ पद्मसी,
निर्माता - यशराज फिल्म्स
स्टोरी लाइन - रॉकेट सिंह, सेल्समैन ऑफ द इयर कैसे बना?
11 दिसंबर को रिलीज हो रही फिल्म रॉकेट सिंह की कहानी भारतीय युवा की सबसे बड़ी समस्या 'सर्च ऑफ जॉब' पर टिकी है। कहानी का नायक आम भारतीय युवा की तरह पढ़ाई में औसत पर चार्मिंग पर्सनैल्टी का मालिक है।
रनबीर कपूर मतलब रॉकेट सिंह उर्फ हरप्रीत सिंह बेदी को ग्रेजुएशन कंप्लीट करने के बाद जॉब की तलाश है। लेकिन बड़ी-बड़ी सारी जगहों के दरवाजे उसके लिए बंद हैं क्योंकि वह एक मिडिल क्लास फैमिली का एवरेज सा लड़का है। अचानक हरप्रीत को रियलाइज होता है कि उसकी सबसे बड़ी खूबी और इकलौती पूँजी उसकी एक्स्ट्रोवर्ट, स्टायलिश पर्सनैल्टी है। इतना रियलाइज होते ही उसे अपनी दिशा मिल जाती है।
हरप्रीत बनता है रॉकेट सिंह। रॉकेट अपने लिए सेल्समैन का जॉब परफेक्ट पाता है। उसका फनी अंदाज, लोगों का दिल जीतने की कला और मददगार स्वभाव उसके जॉब से मैच करता है। वह सेल्स को अपनी जिंदगी पहला और आखिरी प्यार बना लेता है। कहानी में स्ट्रगल शुरू होता है, उसके ऑफिस में बॉस और सीनियर्स के हस्तक्षेप से।
धीरे-धीरे रॉकेट को समझ में आता है कि अपने मन से काम करना इतना भी आसान नहीं। उसके बाद उसकी जिंदगी में एक और गियर लगता है, पर जल्द ही उसका स्टाइल रंग लाता है। और हरप्रीत सिंह उर्फ रॉकेट सिंह बनता है सेल्समैन ऑफ द इयर।
लवर ब्वाय की इमेज से निकलने के लिए रनबीर बने सेल्सगुरु।
चटपट प्रेडिक्शन्स - मैनेजमेंट गुरुओं की फिलॉसफी बेचती रॉकेट सिंह की सेल की गुंजाइश बहुत कम है।


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