सुपर स्टार
ज़िंदगी चयन पर निर्भर करती है. हर इंसान को साधारण और गंभीर सच तथा ग्लैमरस और सेक्सी साहसी ज़िंदगी में से कोई एक ज़िंदगी चुननी होती है. यह इंसान पर निर्भर करता है कि वह अपनी ज़िंदगी को किस तरह से जीना चाहता है. एक सच्चाई सौ तक ले जाती है और एक साहसी पराक्रम उसी तरह के तमाम पराक्रम इंसान से कराती है. यानी कि सच और साहस के खेल में कौन कहां जाएगा यह निर्णय पहले ही कर लेना चाहिए क्योंकि बाद में पीछे लौटना संभव नहीं होता.
कुणाल आज के युवा वर्ग का प्रतीक है. वह साहसी कदम उठाने के लिए तैयार रहता है. वह बॉलीवुड में एक बहुत बडी सफलता हासिल करने का सपना देखता है. उसके दोस्त उससे प्यार करते हैं लेकिन मौसम से ज़्यादा कोई उससे प्यार नहीं करता. मौसम कई वर्षों से कुणाल के साथ जुडी हुई है और इस बात से कुणाल के अलावा हर कोई वाकिफ है.
कुणाल को बॉलीवुड का स्ट्रगलर कहा जाता है पर वह इसे बहुत हल्के ढंग से लेता है क्योंकि उसे पता है कि यह तमगा उसके साथ ज़्यादा दिन नहीं रहेगा. जब तक कि ज़िंदगी उसके साथ कोई खेल न खेले. अचानक एक दिन ज़िंदगी उसके सथ एक खेल खेलती है और एक करोडपति युवक करण के बॉलीवुड में प्रवेश करने के साथ ही कुणाल के सपने चकनाचूर हो जाते हैं.
हालात यहां तक बदलते हैं कि करण, कुणाल को अपने बॉडी डबल के रुप में काम करने को बुलाने लगता है. इसकी वजह से दोनों के बीच एक अलग तरह की प्रतिस्पर्धा शुरू हो जाती है. दूसरी तरफ करण की प्रेमिका बरखा को करण और कुणाल के बढते संबंधों से नाराज़गी है.
एक दिन फिर किस्मत अपना रुख पलटती है और अचानक कुणाल सुपर स्टार बन जाता है. मीडिया में हर तरफ उसी की चर्चा शुरू हो जाती है. इस बीच मौसम उससे दूर जा चुकी है. कुछ समय बाद कुणाल को अहसास होता है कि मौसम, जो अब जर्नलिस्ट बन चुकी है, वह अपने सहकर्मी प्रशांत के साथ मिलकर उसके सुपर स्टार बनने के पीछे के सच को लोगों के सामनें लाना चाहती है. अब कुणाल के सामने सवाल यह है कि वह सच को स्वीकार करे या एक और साहसी कदम उठाए.
यह कहानी है श्री अष्टविनायक सिने विजन के तहत बनी निर्देशक रोहित जुगराज की फिल्म 'सुपर स्टार" का. इसके प्रमुख कलाकार हैं कुणाल खेमू, तुलिप जोशी, औशिमा साहनी, रीमा, शरत सक्सेना, दर्शन ज़रिवाला, किशोरी शहाणे तथा अमन वर्मा.


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