दिल को छू लेगी फिल्म 'जियारत' की कहानी

अब अब्दुल व उसकी पत्नी मरियम बच्चे को पालने की जिम्मेदारी उठाते हैं और अपनी हज यात्रा को रद्द करने का फैसला करते हैं। दो साल तक लगातार वो दोनों घाटी में हर जगह अपने खोये दोस्त का पता लगाते हैं। दो साल के बाद उसे पता चलता है कि सभी कश्मीरी पंडित कश्मीर घाटी छोड़ कर जम्मू और आस पास के क्षेत्रों में शरणार्थी शिविरों में रह रहे हैं अब्दुल शिविरों में भी उन्हें देखने का फैसला करता है। और किसी तरह अब्दुल अपने दोस्त दीनानाथ को खोज पाने में कामयाब भी हो जाता है।
अब फिल्म की कहानी में यह दिखाया गया है कि आगे क्या दीनानाथ व उसकी पत्नी अपने बच्चे को अब्दुल व मरियम से ले लेते हैं ? क्या दीनानाथ वापस कश्मीर आ जाता है रहने के लिए ? क्या बच्चा अपने मां पिताजी को पहचान लेता है ? इन सवालों के जवाब जानने के लिए देखिये फिल्म 'जियारत'। जिसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इस फिल्म की पूरी कास्ट व क्रू कश्मीरी है चाहे वो निर्माता निर्देशक हो, संगीतकार हो या अभिनय करने वाले कलाकार।
जे एस डब्ल्यू एम के प्रोडक्शन के बैनर में निर्मित इस फिल्म के निर्माता व निर्देशक है सुरेश के गोस्वामी, फिल्म की कहानी को लिखा भी खुद इन्होने ने ही है। फिल्म के गीत लिखे हैं सागर सहरी ने व गीतों को संगीत से सजाया है भजन सोपोरी ने। फिल्म में अभिनय करने वाले कलाकार हैं इरफ़ान चौधरी, पूनम सूदन, विपिन कुमार गोस्वामी व सागर सहरी।
इस फिल्म ने लौस एंजलिस इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2011 व फेम वाक् इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी इस फिल्म को सराहा गया। साथ ही ढाका फिल्म फेस्टिवल में इस फिल्म को दिखाया भी गया है।


Click it and Unblock the Notifications