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    अब भी हसीन हैं ज़ीनत

    By Staff
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    सत्तर और अस्सी के दशक में ग्लैमर का पर्याय मानी जाने वाली अभिनेत्री ज़ीनत अमान गुरुवार को 58 साल की हो गईं. वो आज भी ख़ूबसूरती और अदा की मिसाल मानी जाती हैं.

    ज़ीनत ने अपने करियर की शुरुआत एक मॉडल के रूप में की और फिर 'मिस इंडिया' और 'मिस एशिया पेसिफ़िक' जैसे ख़िताबों को अपने नाम किया.

    फ़िल्मी सफ़र शुरु किया सत्तर के दशक में कुछ छोटे-मोटे रोल्स के साथ. लेकिन असली पहचान मिली 1972 में देव आनंद की फ़िल्म 'हरे रामा हरे कृष्णा' से जिसमें उन्होंने एक हिप्पी का किरदार निभाकर हिंदी फ़िल्म हिरोइन की परिभाषा ही बदल डाली.

    ज़ीनत कहती हैं," जब मैने मिस एशिया-पेसिफ़िक जीता तो मेरे लिए ये फ़िल्मों में क़दम रखने का माध्यम बन गया. मेरे परिवार के कुछ मित्र थे जिन्होंने मुझे बताया कि देव आनंद 'हरे रामा हरे कृष्णा' की जैनिस के किरदार के लिये एक लड़की खोज रहे थे. तो मैंने देव आनंद से मुलाक़ात की और एक स्क्रीन टेस्ट दिया. फिर क्या हुआ ये तो सब जानते ही हैं."

    पाश्चात्य छवि

    ज़ीनत ने अपने ज़माने में कई आधुनिक तरह के रोल निभाये. उनके ग्लैमर से भरे व्यक्तित्व ने उन्हें एक परंपरागत अभिनेत्री की श्रेणी से दूर ही रखा. लेकिन उन्होंने अपनी ख़ुद की जगह बनाई और बड़े-बड़े बैनर वाली फ़िल्मों में काम किया.

    अमरीका में पढ़ाई पूरी करके लौटने वाली ज़ीनत की छवि एक पाश्चात्य अभिनेत्री की ही बन गई.

    ज़ीनत का कहना था," मैंने अपने करियर के लिये कोई ख़ास योजना नहीं बनाई थी. मुझे जैसे-जैसे रोल मिलते गए मैं करती गई. ये ज़रूर हो सकता है कि मेरे व्यक्तित्व को देखते हुए निर्देशकों ने मेरे किरदारों में कुछ फेरबदल किया हो."

    लेकिन ऐसा नहीं है कि ज़ीनत ने सिर्फ़ ग्लैमर वाले रोल किए हों. राज कपूर की फ़िल्म 'सत्यम शिवम सुंदरम' और बी आर चोपड़ा की 'इंसाफ़ का तराज़ू' ने उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के फ़िल्मफ़ेयर अवॉर्ड के लिए नामांकन भी दिलवाया.

    वैसे ग्लैमर वाली छवि बनाये रखना भी आसान काम नहीं था.

    ज़ीनत कहती हैं, " मैं तला हुआ खाना और मीठा नहीं खाती थी. मैं बहुत ज़्यादा वर्ज़िश तो नहीं करती थी लेकिन हां रोज़ पैदल ज़रूर घूमती थी."

    वो कहता हैं, " जब आजकल की अभिनेत्रियां मुझसे कहती हैं कि हमने आपसे प्रेरणा ली है या कोई निर्देशक किसी हिरोइन से कहता है कि तुम्हें ज़ीनत अमान जैसा लगना है तो मुझे बहुत ख़ुशी होती है."

    ज़ीनत अमान बताती हैं," आजकल तो सभी अभिनेत्रियां बड़ी सुंदर दिखती हैं. वैसे मुझे प्रियंका चोपड़ा बहुत पसंद है. उसने नई 'डॉन' में अच्छा काम किया है."

    ज़ीनत अब मीडिया से ज़्यादा रूबरू नहीं होतीं. वो अपने दो बेटों के साथ रहती हैं और कभी-कभार मीडिया में नज़र आ जाती हैं.

    उन्होंने बताया," मुझे अपने बेटों के साथ समय बिताना अच्छा लगता है. साथ ही अपने पालतू कुत्ते के साथ और अपने बगीचे में भी समय बिताने में आनंद आता है."

    ज़ीनत जल्द नज़र आयेंगी निर्देशक संजय शर्मा की फ़िल्म 'न जाने क्यों' में जिसमें उनके साथ हेलन और कबीर बेदी ने भी काम किया है.

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