बस भूल न जाना, रखना याद मुझे..जब तक है जान

कुछ अच्छे बुरे किरदार
वो सब मेरे हैं., उन सबमें मैं हूँ
बस भूल न जाना, रखना याद मुझे..जब तक है जान
यही आखिरी शब्द थे बहुमुखी प्रतिभा के धनी फिल्मकार यश चोपड़ा के जो उन्होंने आखिरी बार सार्वजनिक रूप से कहे थे । इसी महीने की 10 तारीख को अमिताभ के जन्मदिन पर जब यश चोपड़ा पहुंचे थे तो किसी को यह नहीं लग रहा था कि यश चोपड़ा इस तरह से चले जायेंगे।
अपने अस्सीवें जन्मदिन पर यश चोपड़ा ने भले ही कहा था कि वो फिल्म निर्माण से संन्यास लेने वाले हैं और जब तक है जान..उनकी अंतिम निर्देशित फिल्म होगी लेकिन जब तक है जान.. की तरह वो अपनी सांसो तक फिल्म निर्माण करते रहे।
आप में से कम लोगों को पता होगी कि मौसिकी और रोमांस किंग के नाम से मशहूर यश चोपड़ा ने नियमों को तोड़कर फिल्में बनायीं। उन्होंने एक साथ एंग्री यंग मैन वाली फिल्में दीवार, त्रिशूल जैसी मील का पत्थर जैसी फिल्में बनायीं तो दूसरी ओर उन्होंने कभी-कभी और चांदनी जैसी फिल्में बनायीं। उन्होंने बॉलीवुड को एंटी हीरो दिया और शाहरूख खान रोमांस किंग हो गये।
आज अगर श्रीदेवी,अमिताभ बच्चन और शाहरूख खान नंबर वन बन पाये हैं तो इसके पीछे केवल यश चोपड़ा की वो फिल्में हैं जिन्होंने इतिहास रच दिया है।
गौरतलब है कि रोमांस के बादशाह यश चोपड़ा का अंतिम संस्कार आज दिन के तीन बजे मुंबई में किया जायेगा। आज दोपहर तीन बजे दक्षिणी मुंबई के चंदनवाड़ी शवदाहगृह में उन्हें मुखाग्नि दीजायेगी। रविवार शाम पांच बजे मशहूर फिल्म निर्माता यश चोपड़ा ने लीलावती अस्पताल में अंतिम सांस ली। वो डेंगू की बीमारी से पीड़ित थे और पिछले नौ दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। यश चोपड़ा 80 साल के थे।


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