आखिर क्यों Border 2 से डर गए गल्फ देश? UAE-सऊदी में इस वजह से रिलीज नहीं हो रही फिल्म, किया बैन
Border 2 Gulf ban: 'बॉर्डर 2' का बेसब्री से इंतजार करने वाले फैंस के लिए अब बस चंद घंटों का ही इंतजार बचा है, उसके बाद वो थिएटर में जाकर इस फिल्म का लुत्फ उठा सकते हैं। लेकिन इस बीच एक ऐसी खबर भी सामने आ रही है, जिसने मेकर्स को तगड़ा झटका दे दिया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 'बॉर्डर 2' को यूएई, सऊदी अरब, कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन जैसे बड़े गल्फ देशों में रिलीज की परमिशन नहीं मिल सकती। इसके पीछे की वजह बताई जा रही है कि फिल्म की कहानी को पाकिस्तान विरोधी प्रमोशन के तौर पर देखा जा रहा है, जिस कारण वहां की सरकारें इस फिल्म को रिलीज नहीं करना चाह रही हैं।
'धुरंधर को भी किया बैन'
यह पहली बार नहीं है जब किसी भारतीय फिल्म को खाड़ी देशों में इस तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हो। दिसंबर 2025 में रिलीज हुई रणवीर सिंह की एक्शन थ्रिलर 'धुरंधर' के साथ भी ऐसा ही हुआ था। उस फिल्म को भी गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) देशों में थिएटर्स में दिखाने की इजाजत नहीं मिली थी। ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बैन की वजह से 'धुरंधर' को करीब 90 करोड़ का नुकसान हुआ था। इसके बावजूद फिल्म ने दुनिया भर में 1,100 करोड़ से ज्यादा की शानदार कमाई की है।
क्या गल्फ बैन से होता है नुकसान?
'धुरंधर' की सफलता यह दिखाती है कि अगर किसी फिल्म को भारत और बाकी बड़े ओवरसीज मार्केट्स जैसे अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया में अच्छा रिस्पॉन्स मिलता है, तो गल्फ देशों में बैन होने के बावजूद भी फिल्म सुपरहिट साबित हो सकती है। यानी कुछ देशों में रिलीज ना होना पूरी फिल्म की कमाई पर असर तो डालता है लेकिन ज्यादा असर नहीं डाल पाता, खासकर तब जब कंटेंट दर्शकों को पसंद आ जाए।
ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि गल्फ देश लंबे समय से बॉलीवुड के लिए एक मजबूत मार्केट रहे हैं, खासतौर पर एक्शन और फैमिली ड्रामा फिल्मों के लिए। लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। अगर गल्फ में नुकसान होता भी है, तो उसकी भरपाई दूसरे इंटरनेशनल मार्केट्स से की जा सकती है। छुट्टियों में रिलीज और पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ ने 'धुरंधर' को मिडिल ईस्ट में हुए नुकसान से उबरने में मदद की थी।
'बॉर्डर 2' का क्या है हाल?
बॉर्डर 2 के मामले में बैन की खबर रिलीज से पहले ही सामने आ गई है, जिससे चर्चाएं और तेज हो गई हैं। हालांकि शुरुआती रिपोर्ट्स बताती हैं कि भारत में फिल्म की एडवांस बुकिंग अच्छी चल रही है और देशभक्ति फिल्मों को लेकर दर्शकों में जबरदस्त एक्साइटमेंट है। मेकर्स को भरोसा है कि अगर फिल्म देश में बड़ा कलेक्शन करती है, तो गल्फ देशों में हुए नुकसान की भरपाई हो जाएगी।
इन फिल्मों को भी झेलना पड़ा गल्फ देशों का बैन
हाल के समय में कई भारतीय फिल्मों को, जिनमें राजनीतिक या सीमा से जुड़े संवेदनशील मुद्दे दिखाए गए हैं, गल्फ देशों में बैन का सामना करना पड़ा है। 'गदर 2', 'फाइटर' और 'स्काई फोर्स' जैसी फिल्मों के नाम भी इस लिस्ट में शामिल हैं। बार-बार लगने वाले ऐसे बैन ने फिल्म इंडस्ट्री में यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्रिएटिव फ्रीडम और इंटरनेशनल मार्केट की सेंसिटिविटी के बीच सही बैलेंस कैसे बनाया जाए।


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