अमिताभ बच्चन को फिर क्यों नहीं मिला फाल्के सम्मान
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला) आखिर भारतीय सिनेमा की शिखर शख्सियत अमिताभ बच्चन को साल 2014 के लिए दादा साहब फाल्के पुरस्कार क्यों नहीं मिला, इस सवाल का जवाब सूचना और प्रसारण मंत्रालय में कोई भी देने के लिए तैयार नहीं है। सरकार ने साल 2014 के लिए शशि कपूर को इस सम्मान से नवाजने जा फैसला किया है। अमिताभ बच्चन को इस सम्मान ना देने से उनके बहुत से फैन निराश भी हैं।

बीते कई दिनों से कहा जा रहा था कि एनडीए सरकार अमिताभ बच्चन को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार देगी। सरकार के बच्चन से संबंध भी ठीक है। फिर सिनेमा के लिए अतिताभ बच्चन का योगदान भी शानदार रहा है। इसके बावजूद उन्हें इस पुरस्कार से ना नवाजा जाना हैरान जरूर करता है।
भारतीय सिनेमा का विकास
बता दें कि भारत सरकार दादा साहब फाल्के सम्मान भारतीय सिनेमा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान के लिए हर साल देती है। इसके तहत एक स्वर्ण कमल, दस लाख रुपए की नकद राशि और एक शॉल दिया जाता है। राष्ट्रपति विज्ञान भवन में एक भव्य समारोह में इस पुरस्कार से किसी हस्ती को सम्मानित करते हैं।
शशि कपूर को दादा साहब फाल्के पुरस्कार..जानें क्या होता है यह सम्मान!
महत्वपूर्ण है कि अमिताभ बच्चन को दादा साहब फाल्के सम्मान के मिलने में हो रही देरी की शिकायत लता मंगेशकर कर चुकी हैं। उन्होंने कुछ समय पहले कहा था कि अमिताभ बच्चन कोइस पुरस्कार से सम्मानित किया जाना चाहिए। लता जी को यह सम्मान मिल चुका है।
शशि से आगे अमिताभ
हिन्दी सिनेमा के जानकार डा. चरणजीत सिंह ने कहा कि बेशक शशि कपूर ने कलाकार और निर्माता की हैसियत से सिनेमा की बहुत सेवा की है। पर वे अमिताभ बच्चन के कद के बराबर के कलाकार तो नहीं है।
अमिताभ को तो को बीते 15 साल पहले इस पुरस्कार से नवाजा दिया जाना चाहिए था। वे बीते चार दशकों से भी अधिक समय से भारतीय सिनेमा के लिए जुझारू प्रतिबद्धता से काम कर रहे हैं। वे लगातार ठोस और कुछ नया करने की चेष्टा करते हैं।
इस बीच, राजधानी में अमिताभ बच्चन के फैन संजय अग्रवाल कहते हैं कि शशि कपूर ने पृथ्वी थिएटर की स्थापना करके एक बड़ा काम किया है नाटकों के लिहाज से। पर अब तो अमिताभ बच्चन ही दादा साहेब पुरस्कार के हकदार थे।


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