कौन हैं विजय बर्से? फिल्म 'झुंड' में अमिताभ बच्चन ने निभाया है इस दमदार शख्सियत का किरदार!
महानायक अमिताभ बच्चन की फिल्म झुंड को लेकर काफी समय से चर्चा है और ये फिल्म आज रिलीज हो रही है। इसके अलावा इस फिल्म के जितने भी स्पेशल शो हुए हैं सभी ने काफी तारीफ की है। अमिताभ बच्चन ने इस फिल्म में एक रियल लाइफ किरदार निभाया है जिसका नाम विजय बर्से है। सोशल मीडिया पर लगातार ये सवाल फैंस के द्वारा पूछा भी जा रहा है कि अमिताभ बच्चन का ये किरदार विजय बर्से आखिर कौन है?
दरअसल विजय आमिर खान द्वारा होस्ट किए गए सत्यमेव जयते के एक एपिसोड में दिखाई दिए थे और उन्होंने साझा किया कि 2000 के दशक की शुरुआत में नागपुर के हिसलोप कॉलेज में एक खेल शिक्षक के रूप में काम करते हुए,

उन्होंने एक बार कुछ बच्चों को देखा था। वो बच्चे बारिश में एक टूटी हुई बाल्टी के आसपास लात मार रहे थे। इसके बाद वो उन बच्चों के पास गए थे और उनको एक फुटबॉल की पेशकश की थी, बच्चों ने उनकी भेंट स्वीकार कर ली थी।

योगदान दे सकते हैं
इसके बाद वो बच्चे अपने ग्रुप के साथ फुटबॉल खेलते नजर आए थे। वो बच्चे कई बुराईयों में पहले लिप्ट थे लेकिन जैसे ही उनको खेल के मैदान में लाकर विजय ने खड़ा किया तो वो उन तमाम बुराइयों से दूर हो गए। उन्होंने सोचा, वह राष्ट्र के भविष्य के निर्माण में सक्रिय रूप से योगदान दे सकते हैं।

विजय ने कहा कि..
विजय ने कहा कि, "मैंने महसूस किया कि ये बच्चे तब तक बुरी आदतों से दूर थे जब तक वे मैदान पर खेल रहे थे। एक शिक्षक और क्या दे सकता है?" इस कथन का इस्तेमाल उन्होने आमिर खान के शो सत्यमेव जयते में किया था।

झोपड़पट्टी फुटबॉल
इस प्रकार 2002 में झोपड़पट्टी फुटबॉल की यात्रा शुरू हुई, जो अंततः स्लम सॉकर के रूप में प्रसिद्ध हुई। जब उनके सहयोगी ने पूछा कि उन्होंने लीग का नाम ज़ोपदपट्टी फ़ुटबॉल क्यों रखा, तो विजय ने अपनी टेडएक्स वार्ता में साझा किया..

जारी रखना चाहिए
"मैं जानता था कि सभी खिलाड़ी झोपड़पट्टी / झुग्गी-झोपड़ियों में रहने से आए हैं, और मुझे केवल उनके लिए काम करना है इसलिए मुझे इस नाम को जारी रखना चाहिए।"

खिलाड़ी और कोच इससे जुड़ना चाह रहे थे
ये स्लम लीग इतना मशहूर हुआ था कि पूरे देश के खिलाड़ी और कोच इससे जुड़ना चाह रहे थे लेकिन इसको कोई प्रोड्यूस करने वाला नहीं था। इस बात की जानकारी विजय बर्से के बेटे को मिली थी जो कि उस वक्त अमेरिका में रहता था।

बेहतरीन शिक्षक के रूप में जाने जाते हैं
वो अपने पिता की मदद के लिए वापस आया था। इस तरह से विजय बर्से ने उन स्लम्स में रहने वालों बच्चों को शानदार खिलाड़ी में बदल दिया था। वो एक बेहतरीन शिक्षक के रूप में जाने जाते हैं।


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