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    कौन हैं आर्यन खान के नए वकील भारत के पूर्व अटर्नी जनरल मुकुल रोहतगी, NCB पर उठाए सवाल

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    आर्यन खान ड्रग्स केस में आर्यन खान की ज़मानत याचिका पर सुनवाई अब कल भी जारी रहेगी। आज आर्यन खान के केस को लीड किया है भारत के पूर्व अटर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने। मुकुल रोहतगी ने कोर्ट के सामने आर्यन का पक्ष रखते हुए पहला सीधा सवाल यही पूछा कि उनका क्लाईंट 20 दिन से किस जुर्म के आरोप में जेल में बंद है?

    मुकुल रोहतगी की सबसे पहली दलील यही थी कि जब आर्यन के पास से ना ही कोई ड्रग्स बरामद हुआ और ना ही उन्होंने ड्रग्स का सेवन किया तो उन्हें किस आधार पर 8 अक्टूबर से अब तक जेल में रखा गया है?

    मुकुल रोहतगी की पैरवी के बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने भी अपना पक्ष रखा और इस मामले की सुनवाई को कल भी जारी रखने का आदेश दिया गया है। वहीं इस केस में मुकुल रोहतगी की एंट्री के बा सोशल मीडिया पर भी उनकी पैरवी की तारीफ करते हुए लोगों ने लिखा कि आखिरकार इस केस में कोई सही सवाल उठा रहा है।

    एनसीबी ने किया आर्यन खान की ज़मानत का विरोध, लगाए गंभीर आरोपएनसीबी ने किया आर्यन खान की ज़मानत का विरोध, लगाए गंभीर आरोप

    मुकुल रोहतगी का कहना है कि इस पूरे केस में आर्यन के खिलाफ कुछ नहीं मिला है। ना ड्रग्स का सेवन और ना ही ड्रग्स की खरीद तो फिर वो जेल में क्यों बंद हैं। ज़्यादा से ज़्यादा उनका कनेक्शन बस इतना है कि वो बाकी दो आरोपियों - अरबाज़ मर्चेंट और अचित कुमार को जानते हैं।

    कौन हैं मुकुल रोहतगी

    कौन हैं मुकुल रोहतगी

    मुकुल रोहतगी, भारत के पूर्व अटर्नी जनरल हैं जो गुजरात दंगों में भी सरकार का बचाव किया था। रिपोर्ट्स की मानें तो किसी भी केस की एक सुनवाई के लिए वो 10 लाख रूपये फीस लेेते हैं। हालांकि, महाराष्ट्र सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में एक केस की पैरवी के लिए उन्हें 1.28 करोड़ रूपये की फीस दी गई थी।

    पहले ही कर लिया गया गिरफ्तार

    पहले ही कर लिया गया गिरफ्तार

    मुकुल रोहतगी ने अपनी दलील में कहा कि आर्यन खान को 2 अक्टूबर को पोर्ट से ही NCB के अधिकारियों ने गिरफ्तार कर लिया। आर्यन तो उस पार्टी तक पहुंचे भी नहीं थे जहां पर ड्रग्स के सेवन की बात कही जा रही है। आर्यन की तरफ से बहस करते हुए वकील ने कहा - मुझ पर किसी और के जूते में ड्रग्स मिलने की ज़िम्मेदारी कैसे हुई और केवल इस आधार पर मुझे गिरफ्तार क्यों किया गया है? दावा बस इतना है कि बाकियों के पास भी ड्रग्स था तो ये सामूहिक रूप से प्लान किया गया। मुझे केवल प्लान के संदेह के दम पर गिरफ्तार किया गया है। वो भी प्लान, मुख्य आरोपी के साथ नहीं बाकी आरोपियों के साथ मिलकर बनाया गया प्लान, जिसका कोई सुबूत नही हैं।

    पुलिस ऑफिसर नहीं हैं एनसीबी के अधिकारी

    पुलिस ऑफिसर नहीं हैं एनसीबी के अधिकारी


    मुकुल रोहतगी ने एनसीबी के अधिकारों पर सवाल उठाते हुए कहा कि गिरफ्तारी का अधिकार केवल पुलिस अधिकारियों के पास है। NDPS के अधिकारियों को दिए गए बयान तक कोर्ट में मान्य नहीं करार दिए जाते हैं। उनका कहना है कि जब मन होता है तो इन अधिकारियों के पास गिरफ्तारी का अधिकार आ जाता है वरना ये खुद कहते हैं कि ये पुलिस ऑफिसर नहीं हैं। अगर पुलिस मौजूद नहीं थी तो ये गिरफ्तारी मान्य कैसे हुई?

    क्यों नहीं हुआ मेडिकल टेस्ट

    क्यों नहीं हुआ मेडिकल टेस्ट

    मुकुल रोहतगी का दावा है कि आर्यन खान और उनके दोस्त को प्रतीक गाबा नाम के इंसान ने इस पार्टी में इन्वाईट किया। दोनों पार्टी तक पहुंचे ही नहीं थे, उन्हें टर्मिनल पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। कारण - अरबाज़ के पास से मिली 6 ग्राम चरस जिसे अरबाज़ लगातार साज़िश बता रहा है और दावा कर रहा है कि उसके पास कोई चरस नहीं थी। आर्यन के पास से वो भी नहीं मिली। इसके बाद आर्यन ने ड्रग्स का सेवन किया या नहीं किया इसके लिए कोई मेडिकल टेस्ट भी नहीं किया गया।

    सुधरने का मौका दिया गया

    सुधरने का मौका दिया गया

    मुकुल रोहतगी की दलील थी ये सब नौजवान लड़के हैं और आगे चलकर देश का भविष्य बनाने वाले हैं। सरकार लगातार नौजवानों के सुधार की बात कर रही है। तो इन लड़कों को सुधरने का मौका देने की बजाय क्यों जेल में कैद रखा जा रहा है? अगर दोस्तों का एक झुंड साथ मिलकर स्मोक करने का प्लान बनाता है तो वहां भी कई तरह की सोच मिलती हैं। लेकिन यहां तो प्लान पूरा हुआ भी नहीं था और गिरफ्तारी कर ली गई। प्लान था या नहीं था ये केवल संदेह पर टिका है।

    अंत में हुई वाट्सएप चैट की बात

    अंत में हुई वाट्सएप चैट की बात


    अंत में आर्यन खान की वॉट्सएप चैट पर बात करते हुए मुकुल रोहतगी का कहना था कि इन चैट का क्रूज़ केस से कोई लेना देना नहीं है। ये चैट दो - तीन साल पुरानी चैट हैं और इनको इस समय क्रूज़ केस से जोड़ने का कोई मतलब नहीं है। आर्यन का फोन ज़ब्त किया गया लेकिन पंचनामा में दर्ज नहीं किया गया। इतना ही नहीं कोई सुबूत नहीं है कि आर्यन अरबाज़ को छोड़कर बाकी के 20 लोगों को जानता हो। इसलिए अगर कोई केस बनता है तो केवल ड्रग्स के possession का और वो भी बहुत ही कम मात्रा में।

    English summary
    Aryan Khan’s case is being led by ex Attorney General of India Mukul Rohatgi who on Aryan’s behalf put up some serious allegations on NCB and asked the reason for Aryan’s arrest.
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