हंसी-मज़ाक के साथ सेक्स के बारे में बतातीं वेब सिरीज़
अब मनोरंजन बदल रहा है हर किसी के पास अपना एक स्क्रीन है जहाँ आप तय करेंगे क्या देखना है.
अब मनोरंजन ऐसे बदल रहा है कि अब हर किसी के पास अपना एक स्क्रीन है जहाँ आप तय करेंगे कि क्या देखना है. धीरे-धीरे ही सही अब बहुत ज़्यादा लोग इंटरनेट के माध्यम से मनोरंजन का ज़रिया बदल रहे हैं. आप अपने वक़्त के हिसाब से मोबाइल या लैपटॉप पर कुछ भी देखें. जिस तरह का मनोरंजन है वो भी बदल रहा है.
इंटरनेट पर बहुत सी वेब सिरीज़ और छोटी छोटी वीडियोज़ आ रहीं है. ये वेब सीरीज़ अलग अलग तरह की हैं. कुछ आपको हसाएँगी तो कुछ आपको सोचने पर मजबूर करेंगी. आइए चलें इंटरनेट की दुनिया में.
समाज की सोच को बदलती वेब सिरीज़
हाल के कुछ समय में जो वेब सिरीज़ मशहूर हुई हैं उनमें शामिल हैं 'लिट्ल थिंग्स', 'सेक्स चैट विद पप्पू एंड पापा', 'गर्ल इन द सिटी', 'द अदर लव स्टोरी' , 'पर्मनेंट रूम मेट्स', 'बेक्ड' और 'द ट्रिप'. इनकी कहानियों के किरदार ज़्यादातर जवान लोग हैं .
द अदर लव स्टोरी
ये कहानी है दो लड़कियों के बीच प्रेम की. इस कहानी से आपको पता चलेगा कि क्या-क्या दिक्कतें हैं जिनका सामना समलैंगिक लोगों को करना पड़ता है.
जे एल टी फ़िल्म्स की 'द अदर लव स्टोरी' की निर्देशक रूपा राय कहती हैं, ''हर कहानी लिए अब एक नया माध्यम है . इंटरनेट एक ऐसा माध्यम है जहाँ आपको उतनी रोक टोक नहीं .सेंसरशिप नहीं. हम कोई बदलाव नहीं लाना चाहते थे लेकिन हमें लगा कि इस बारे में बात होनी चाहिए . यह एक कहानी है जिसको लोगों तक पहुँचाना चाहिए. कहानी जिसे बताने से लोग कतराते हैं. मैं ये कहानी कुछ टीवी निर्माताओं के पास लेकर गई लेकिन मुझे ना कर दिया गया.''
तो क्या कलाकारों को ऐसा लगता है कि उनकी ऑडियन्स में कमी होगी?
'द अदर लव स्टोरी' की मुख्य अभिनेत्रियों में से एक श्वेता गुप्ता कहती हैं कि उन्हें इस सिरीज़ की कहानी एक सामान्य कहानी लगी. उन्होंने कहा, "ये एक प्यार की कहानी है. अगर मुद्दा या कहानी रोचक हो तो लोगों को पसंद आएगी. हालांकि ऑडियन्स उतनी नहीं जितनी टीवी पर है पर हर माध्यम की अपनी ऑडियन्स होती है. हमें बहुत लोगों को प्यार मिला. बल्कि ऐसे लोग हमारे बारे में जानते हैं जो दूसरे देश के हैं. एक कलाकार के रूप में मैने वो किरदार निभाया जिसे दूसरे लोग निभाने से हिचक रहे थे."
जहाँ अलग-अलग लोग वेब सीरीज़ के ज़रिए अपनी कहानी बता रहे हैं तो यश राज फ़िल्म्स भी इस गिनती में शामिल हुआ. कुछ वक़्त पहले यश राज फ़िल्म्स के 'वाय फ़िल्म्स' ने एक वेब सिरीज़ शुरू की जिसका नाम है 'सेक्स टॉक्स विद पप्पू एंड पापा'. ये एक परिहास युक्त तरीका है कहानी बताने का.
इस कहानी में ये दिखाया गया है कि किस तरह आप बच्चों से सेक्स जैसे मुद्दों पर बात करें. ये वेब सिरीज़ इस मुद्दे को छूता है मगर मज़ेदार तरीके से.
छोटी वीडियोज़
आजकल एक अलग तरह की सिरीज़ आ रही हैं जिसमें थीम एक होता है लेकिन कहानी अलग अलग. 'फिल्टर कॉपी' और 'फेस्टिवेल' एक ऐसी वीडियो बनाई है जिसमें गुल पनाग और श्रुति सेठ हैं.
इस वीडियो में आपको देखने को मिलेगा कि किस तरह से औरतें बोलना कुछ चाहती हैं और समाज से हिचक के कारण कह कुछ और जाती हैं.
गुल पनाग के मुताबिक, "अगर किसी गंभीर मुद्दे को हंसी मज़ाक से बताओ तो संदेश और अच्छे तरीके से लोगों तक पहुंचता है. जहाँ तक वेब सिरीज़ की बात है तो लोग अब एक समय पर दो तीन काम करते हैं तो मल्टिटास्किंग होती है. और उसमें लोग मनोरंजन के लिए छोटी-छोटी वीडियोज़ देखते हैं. कभी मीटिंग के बीच तो कभी फ़ोन पर बात करते हुए. टीवी पर जो कार्यक्रम आते हैं वो एक निर्धारित समय पर आते हैं. लेकिन इंटरनेट पर अपनी मर्ज़ी से देखो."
इंटरनेट पर अब सोशल मीडिया के लिए छोटी वीडियोज़ बनती हैं जो एक या दो मिनट से ज़्यादा लंबी नहीं. आख़िर इस भाग दौड़ भरी दुनिया में मनोरंजन की नई जगह बनाने की खूब कोशिश हो रही है.
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