»   » 'वोट' हक और फर्ज है..जिसे प्रचार की जरूरत नहीं: अमिताभ बच्चन

'वोट' हक और फर्ज है..जिसे प्रचार की जरूरत नहीं: अमिताभ बच्चन

Posted By:
Subscribe to Filmibeat Hindi

चुनावी मौसम में नेता-अभिनेता सभी लोगों से कह रहे हैं कि अपने वोट का प्रयोग करो, सच्चा और सही व्यक्ति चुनो और देश को आगे बढ़ाओ। हर कोई जनता को जागरूक करने में जुटा हैं तो कई तरह से प्रचार भी इन दिनों जनता के बीच में है। लेकिन वहीं सदी के महानायक अमिताभ बच्चन का कहना है कि मतदान जैसे लोकतांत्रिक अधिकार के लिए जागरूकता की जरूरत नहीं है।

जानिये कैसे और क्यों हुई अमिताभ-जया की शादी?

पिछले चालीस सालों से लगातार लोगों का मनोरंजन करते आ रहे अमिताभ बच्चन ने कहा कि "मुझे नहीं लगता कि मतदान का प्रचार करने की जरूरत है। यह एक लोकतांत्रिक अधिकार है और हमें इसे करना चाहिए।

आखिर क्यों हुआ अमिताभ का राजनीति से मोहभंग?

यहां आपको बता दें कि अमिताभ वर्ष 1984 में इलाहाबाद से लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं, उन्होंने इसे भारी अंतर से जीता भी था। उन्होंने एक सांसद के रूप में तीन साल बाद इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद से उन्होंने राजनीति से दूरी बनाई हुई है और अराजनैतिक बने हुए हैं, उन्हें लगता है कि राजनीति उनके बस की चीज नहीं है। इसलिए अक्सर अमिताभ बच्चन राजनेताओं के साथ नजर तो आते हैं लेकिन राजनीति से कोसों दूर हैं।

आगे की खबर स्लाइडों में..

'भूतनाथ रिटर्न्‍स'

'भूतनाथ रिटर्न्‍स'

अमिताभ बच्चन अपनी आगामी फिल्म 'भूतनाथ रिटर्न्‍स' में वह एक भ्रष्ट राजनीति में चीजों को सही तरीके से लाने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। यह फिल्म एक राजनीति व्यंग्य है। फिल्म 11 अप्रैल को प्रदर्शित हो रही है।

एक महज संयोग...

एक महज संयोग...

इस चुनावी मौसम में राजनीतिक व्यंग्य वाली अपनी फिल्म की रिलीज के बारे में बच्चन ने कहा, "यह मात्र एक संयोग है। फिल्म की कुछ विषय वस्तु मौजूदा समय में बहुत प्रासंगिक है।"

मताधिकार का सही प्रयोग करें

मताधिकार का सही प्रयोग करें

अमिताभ अपने चार दशकों से अधिक लंबे करियर में हिंदी फिल्म प्रेमियों का मनोरंजन करते आ रहे हैं। उनका कहना है कि वह राजनीति से वाकिफ नहीं हैं। लेकिन वह आशा करते हैं कि लोग अपने मताधिकार का सही प्रयोग करें।

मैं नेता नहीं हूं

मैं नेता नहीं हूं

भारतीय नेताओं में से 'शेर' कौन है इस बाबत टिप्पणी किए जाने के लिए कहे जाने पर उन्होंने कहा, "मैं नेता नहीं हूं। और मैं राजनीति का बहुत अच्छे से पालन नहीं करता।"

'भूतनाथ' का सीक्वेल

'भूतनाथ' का सीक्वेल

'भूतनाथ रिटर्न्‍स' वर्ष 2008 की फिल्म 'भूतनाथ' का सीक्वेल है, जिसमें अमिताभ 17 साल के युवा की तरह गाते, नाचते और दर्शकों का मनोरंजन करते दिखते हैं।

For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    English summary
    Indian cinema's icon Amitabh Bachchan, for whom publicity has been a way of life, says a democratic right like voting doesn't need to be promoted.

    रहें फिल्म इंडस्ट्री की हर खबर से अपडेट और पाएं मूवी रिव्यूज - Filmibeat Hindi

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Filmibeat sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Filmibeat website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more