जब Vivek Oberoi ने सलमान खान ने खिलाफ उठाई थी आवाज, याद किया पुराना किस्सा, कहा- 'ये बॉलीवुड का डार्क साइड है'

Vivek Oberoi: प्रियंका चोपड़ा ने एक बार फिर बॉलीवुड में गुटबाजी और लॉबिंग को लेकर चर्चा छेड़ दिया है। जिसके बाद कई अन्य कलाकार भी सामने आकर अपना अनुभव शेयर कर रहे हैं। इसी कड़ी में अभिनेता विवेक ओबेरॉय ने अपनी उस प्रेस कॉफ्रेंस को याद किया है, जहां उन्होंने सलमान खान के विरोध में आवाज उठाई थी।
कुछ दिनों पहले प्रियंका चोपड़ा ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि उन्हें बॉलीवुड में साइडलाइन किया जा रहा था, इसीलिए वो हॉलीवुड की मुड़ गईं और वहां अपना करियर बनाया। विवेक ने प्रियंका की तारीफ करते हुए उनका ये कदम प्रेरणा देने जैसा है।
अपने अनुभव के बारे में हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत के दौरान विवेक ने कहा, "मुझे खुशी है कि मैं इससे उबर सका। मैं एक तरह की अग्नि परीक्षा देकर ऊपर आया और बच गया। लेकिन हर कोई इतना खुशकिस्मत नहीं होता है। मैं बहुत सी ऐसी चीजों से गुजरा जो बेमतलब थीं। बहुत सारे लोगों की पॉलिटिक्स, बहुत सारे लोगों की लॉबिंग, जिसके बारे में प्रियंका ने भी बात की। दुर्भाग्य की बात है कि यह हमारी इंडस्ट्री की पहचान है। ये बॉलीवुड का डार्क साइड है और मैंने इसे करीब से देखा है।"

14 महीनों तक कोई काम नहीं मिला था
एक्टर ने आगे कहा- "मुझे पता है कि ये बहुत फ्रस्ट्रेटिंग होता है। इस तरह की चीजें आपको बहुत ज्यादा हताश और परेशान कर देती हैं। आप थक जाते हैं। मैंने ऐसा तब महसूस किया था जब फिल्म शूट आउट एट लोखंडवाला में अवॉर्ड विनिंग परफॉर्मेंस देने के बावजूद भी मुझे 14 महीनों तक कोई काम नहीं मिला। मैं यही सोचा करता था कि मुझे कुछ अलग करना है, जो फिल्म इंडस्ट्री से अलग हो।"

असुरक्षित जगह है बॉलीवुड
विवेक ने कहा- "इंडस्ट्री बहुत ही असुरक्षित जगह है। यहां आर्टिस्ट बहुत vulnerable होते हैं, ऐसी सिचुएशन में वो और भी ज्यादा कमजोर हो जाते हैं। चाहे वो मीटू मोमेंट हो, कास्टिंग काउच या सिर्फ धमकाना.. ये सभी चीजें एक आर्टिस्ट की कला को मार देती हैं। मुझे खुशी है कि इन मुद्दों पर बात की जा रही है और ऐसी चीजें धीरे-धीरे दूर हो जाएंगी।"

सुशांत को जान नहीं देनी चाहिए थी
विवेक ने आगे कहा, "पहले के दिनों में जब मैंने इसके खिलाफ आवाज उठाई थी, हर शुभचिंतक मुझे फोन करता था और कहता था कि इसके बारे में बात मत करो। ये एक फैमिली सीक्रेट की तरह है। लेकिन अगर आपके परिवार में abuse चल रहा है और आप इसके बारे में इसलिए नहीं बोलते, क्योंकि ये एक पारिवारिक सीक्रेट है? ये तो बेवकूफी है। आज लोग अधिक मुखर हो रहे हैं। फैंस अब जागरूक हो गए हैं। सुशांत (सुशांत सिंह राजपूत) को कभी भी अपनी जान नहीं देनी चाहिए थी, चाहे कुछ भी हो जाए। यह बहुत दुखद है। वो एक प्रतिभाशाली युवक था और उसके पास दोस्तों का बेहतर नेटवर्क होना चाहिए था। आप इंडस्ट्री को परिवार कहते हैं, तो परिवार को एक-दूसरे के लिए होना चाहिए।"


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