Oppss.. इस निर्देशक ने सेंसर बोर्ड की तुलना तालिबान से कर दी!
[बॉलीवुड न्यूज] सेंसर बोर्ड के रवैये से बॉलीवुड के एक्टर, प्रोड्यूसर से लेकर डाइरेक्टर भी हैरान परेशान हैं। आमिर खान, अनुराग कश्यप जैसे सितारों के बाद अब राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्मकार विशाल भारद्वाज ने भी सेंट्रल फिल्म सर्टिफिकेशन बोर्ड (सीबीएफसी) के निर्देशों पर कड़ी आपत्ति जताई है।

विशाल ने कहा है कि सेंसर बोर्ड तालिबान की तरह बर्ताव कर रहा है। सेंसर बोर्ड फिल्म इंडस्ट्री पर निर्देश जबरदस्ती थोपे जा रही है। लिहाजा बोर्ड के अधिकारों पर अंकुश लगाया जाना चाहिए। आपको बता दें, विशाल भारद्वाज की फिल्मों में भी अपशब्दों का जमकर प्रयोग होता है, लेकिन वह कहानी के अनुकूल होता है तो दर्शक भी उसे सहर्ष स्वीकारते हैं।
पढे़ें- सेंसर बोर्ड पर आमिर का बेबाक बयान..
इस मामले में विशाल का मानना है कि इस कला शैली ने उनकी फिल्मों को विषयवस्तु के हिसाब से हमेशा सशक्त बनाया है। विशाल ने एक इंटरव्यू में कहा कि ऐसे समय में जब भारतीय फिल्में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान कायम कर रही हैं, सरकार को सीबीएफसी के अधिकारों पर अंकुश लगाना चाहिए, ताकि सिनेमा की क्रिएटिविटी को नुकसान न पहुंचे।
उन्होंने यह भी कहा कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री को घिसे-पिटे फॉरम्यूले पर नहीं चलाया जा सकता। 'बदलापुर' और 'हैदर' जैसी फिल्में अब तक कि फिल्मों से काफी अलग और नई हैं। सिनेमा बदल रहा है और सेंसर बोर्ड को इस बदलाव को सपोर्ट करना चाहिए।
पढ़ें- सेंसर बोर्ड में 'गंदी बातों' पर बवाल..सही-गलत पर होगा फैसला!
आपको बता दें, कुछ ही दिनों पहले आमिर खान ने सेंसर बोर्ड पर सीधे शब्दों में अपनी बात रखते हुए कहा कि आज के दौर में सेंसर बोर्ड की क्या जरुरत है? मोबाइल, इंटरनेट के इस युग में आप कभी लोगों को फिल्मों तक पहुंचने से रोक नहीं सकते। इसके लिए आमिर ने अपनी फिल्म पीके का भी उदाहरण दिया।
विशेष नोट- फिल्म जगत की और भी रोचक खबरें सीधे अपने मोबाइल पर पढ़ें। टाइप करें hindi.filmibeat.com और रहें हमेशा अपडेट।


Click it and Unblock the Notifications
