For Quick Alerts
    ALLOW NOTIFICATIONS  
    For Daily Alerts

    'फ़ॉक्स से साझेदारी का फ़ायदा मिलेगा'

    By वंदना
    |
    हॉलीवुड कंपनी फ़ॉक्स के साथ दो हिंदी फ़िल्में बनाने का करार करने वाले विपुल शाह को उम्मीद है कि इस मिलन से बेहतर भारतीय फ़िल्में बनाने से मदद मिलेगी.

    गुजराती थिएटर से शुरुआत करने वाले विपुल ने वर्ष 2002 में पहली हिंदी फ़िल्म आँखें बनाई जिसके बाद आई वक़्त और नमस्ते लंदन. इसके साथ ही वे सफल निर्देशकों की श्रेणी में शामिल हो गए. इस साल की सफलतम फ़िल्मों में से एक सिंह इज़ किंग के साथ उन्होंने निर्माण में क़दम रखा.

    लंदन में फ़ॉक्स-स्टार के साथ समझौते की घोषणा के बाद विपुल शाह ने बीबीसी से विशेष बातचीत की. वे ब्रिटेन में इनदिनों अपनी फ़िल्म 'लंदन ड्रीम्स' भी शूट कर रहे हैं जिसमें सलमान खान और अजय देवगन एक साथ नज़र आएँगे.

    फ़ॉक्स स्टार और आपकी प्रोडक्शन कंपनी के बीच जो क़रार हुआ है उस बारे में बताइए.

    फ़ॉक्स और स्टार ने मिलकर नई कंपनी बनाई है. मेरी प्रोडक्शन कंपनी ने उनके साथ दो फ़िल्मों की डील साइन की है. ट्वेन्टियथ सेंचुरी फॉक्स का भारत में ये पहला क़दम है. कोशिश करेंगे कि इस साझेदारी से ऐसी फ़िल्में बनाएँ जो भारत के सिनेमा को नए स्तर पर ले जाए. फ़ॉक्स स्टार के लिए ज़रूरी था कि अगर वो भारत में आए तो ऐसे साझीदार के साथ आए जिनके साथ उनकी सोच मेल खाती हो. शायद यही कारण है हमारे बीच समझौता हुआ है. मैं काफ़ी उत्साहित हूँ कि एक मज़बूत रिश्ते से शुरुआत हुई है.

    एक भारतीय निर्माता-निर्देशक के तौर पर ये समझौता कितना अहम है आपके लिए?

    इस समझौते की ख़ासियत ये है कि ट्वेन्टियथ सेंचुरी फ़ॉक्स के पास काफ़ी टेलेंट है- विज़ुयल इफ़ेक्टस विभाग है, उनकी मार्केटिंग, डिस्ट्रिब्यूशन, बेहतरीन लेखन विभाग है...इन सब का इस्तेमाल हम अपनी फ़िल्मों को बेहतर बनाने के लिए कर सकेंगे. मेरे लिए ये सबसे ज़रूरी है.

    इस समझौते के तहत आने वाले महीनों में किन फ़िल्मों पर काम होगा?

    हमने दो फ़िल्मों को चुना है जिनकी स्क्रिप्ट पर काम चल रहा है. एक रोमांटिक कॉमेडी है और दूसरी स्पेशल इफ़ेक्ट वाली एक्शन फ़िल्म है जिसमें हॉलीवुड के बहुत बड़े विज़ुयल इफ़ेक्ट डाइरेक्टर और स्टंट डाइरेक्टर हमारी मदद करेंगे.
    हमने दो फ़िल्मों को चुना है जिनकी स्क्रिप्ट पर काम चल रहा है. एक रोमांटिक कॉमेडी है और दूसरी स्पेशल इफ़ेक्ट वाली एक्शन फ़िल्म है जिसमें हॉलीवुड के बहुत बड़े विज़ुयल इफ़ेक्ट डाइरेक्टर और स्टंट डाइरेक्टर हमारी मदद करेंगे. हॉलीवुड के कुछ लेखक भी इस फ़िल्म से जुड़ेगें जो विज़ुयल इफ़ेक्ट वाली फ़िल्मों की कहानी लिख चुके हैं. कुल मिलाकर ऐसी फ़िल्म बनाने की कोशिश करेंगे जो भारत में पहली बार बन रही हो.

    क्या इस तरह का विभाजन रहेगा कि क्रिएटिव नियंत्रण आपके पास रहेगा, पैसा कौन लगाएगा?

    मोटे तौर पर तो रोल बने हुए हैं कि मैं क्रिएटिव काम करूंगा, मार्केटिंग और वितरण का काम फॉक्स करेगा. लेकिन ऐसा हो नहीं सकता कि हम एक दूसरे से बिल्कुल चर्चा ही न करें...मैं अपनी फ़िल्म बनाता रहूँ और बना कर उनको दे दूँ. और वो ऐसी जगह मार्केटिंग करें जिस बारे में मुझे पता ही न हों.

    मिलजुल कर काम करन होता है. जब उनके पास इतना हुनर मौजूद है तो किसी को कोई आपत्ति होनी नहीं चाहिए. लेकिन ये सही है कि क्योंकि ये फ़िल्में भारत में बनेंगी तो क्रिएटिव फ़ैसले मेरे रहेंगे.हमें सबकी शुभकामनाओं की बहुत ज़रूरत है, कोशिश यही करेंगे कि और भी बेहतर फ़िल्में बनाएँ.

    आपने कहा था कि आज भी भारतीय सिनेमा भारतीय समुदाय के बाहर विदेशों में पूरी तरह से पहुंच नहीं बना पाया है. क्या फ़ॉक्स से साझेदारी के ज़रिए इसे बदलने में मदद मिलेगी?

    बिल्कुल मदद मिलेगी क्योंकि अब तक भारत में फ़िल्मों की मार्केटिंग पारंपिक तरीके से होती आई है जबकि ट्वेन्टियथ सेंचुरी फॉक्स एक ग्लोबल प्लेयर है, उसकी गिनती विश्व के सबसे बड़े स्टूडियो में होती है. उनका वितरण नेटवर्क दुनिया भर में फैला हुआ है. फ़ॉक्स जब अपने मंच से भारतीय फ़िल्मों को डिस्ट्रिब्यूट करेगा तो ज़ाहिर है कि हम बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंच पाएँगे. जब दर्शकों तक पहुँच बढ़ेगी तो हमारी फ़िल्मों की पहचान बढ़ेगी.

    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X