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    अभिनय के ज़रिए मिली पहचान

    By Neha Nautiyal
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    पीएम तिवारी

    बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए

    पा और इश्किया की शानदार कामयाबी ने अभिनेत्री विद्या बालन के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोल दिए हैं. वे कहती हैं कि अब मुझे ऐसी भूमिकाओं के आफर मिल रहे हैं जिनसे मैं काफी कुछ सीख सकती हूं.

    विद्या साफ़ कहती हैं कि वे अपने अभिनय के जरिए मिली पहचान को ही कायम रखना चाहती हैं. एक कार्यक्रम के सिलसिले में कोलकाता आई विद्या बालन ने पीएम तिवारी से विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की. पेश हैं उसके प्रमुख अंशः

    अरसे बाद दो लगातार हिट फिल्मों के बाद कैसा महसूस हो रहा है ?

    मैं ‘पा’ की खुमारी से अब तक नहीं उबर सकी हूं. ‘पा’ और ‘इश्किया’ की कामयाबी के बाद अब मुझे ऐसी भूमिकाओं के प्रस्ताव मिल रहे हैं जिनसे मैं बहुत कुछ सीख सकती हूं. इसके साथ ही उनमें मुझे अपनी अभिनय की क्षमता दिखाने का पूरा मौका मिलेगा. इन दोनों फिल्मों से पहले मुझे लगभग खारिज कर दिया गया था. लेकिन तब मेरे पिता ने कहा था कि तुम्हारी प्रतिभा कोई नहीं छीन सकता. उनके शब्दों से मुझे काफी ताकत मिली.

    परिणीता के बाद कुछ फिल्मों और सार्वजनिक जीवन में आपके पहनावे को लेकर काफी विवाद हुए. आखिर उसकी वजह क्या थी ?

    दरअसल, करियर की शुरूआत में ही ‘परिणीता’ जैसी फिल्म करने के बाद मैं अपनी पहचान बदलना चाहती थी. मुझे लगता था कि कहीं मेरी पहचान वैसी ही बन कर नहीं रह जाए. इसके अलावा कामयाबी की कुछ खुमारी भी थी. इसलिए मैंने भी दूसरे लड़कियों की तरह बनने का प्रयास किया. वह दौर ऐसा था जब मैं किसी की भी बातों से जल्दी प्रभावित हो जाती थी. लोगों को लगा कि मैं अपनी पहचान खो रही हूं. लेकिन अब मैं उस दौर से बाहर आ चुकी हूं. उस अनुभव ने मुझे बहुत कुछ सिखाया.

    फिल्मों के चयन में किस चीज पर ज्यादा ध्यान देती हैं ?

    मैं अपनी भूमिका के मामले में कोई समझौता नहीं कर सकती. किरदार ठोस हो और कुछ कर दिखाने का मौका हो तभी फिल्में हाथ में लेती हूं. अब गलत वजहों से कोई फिल्म हाथ में नहीं लूंगी. फिलहाल मैं जेसिका लाल हत्याकांड पर आधारित एक थ्रिलर और एक कामेडी फिल्म में काम कर रही हूं. उस थ्रिलर में रानी मुखर्जी भी हैं. मैंने फिल्मों में हमेशा एक सशक्त महिला किरदार की भूमिकाएं निभाई हैं. भूमिका ठोस हो तो मैं किसी भी तरह की कामेडी फिल्में करने के लिए तैयार हूं.

    अमिताभ बच्चन ने तो आपकी तुलना नहीदा रहमान से की है. अपने जीवन में आप किन हीरोइनों से प्रभावित हैं ?

    मैं वहीदा रहमान, श्रीदेवी, हेमा मालिनी और रेखा से बेहद प्रभावित हूं. कई लोग मेरी तुलना मीना कुमारी और मधुबाला से भी करते हैं. अब इश्किया के बाद मेरी तुलना स्मिता पाटिल से हो रही है. मैं इन अभिनेत्रियों की तरह ही जीवन में अपनी शर्तों पर आगे बढ़ना और हमेशा लोगों की यादों में रहना चाहती हूं.

    आपने अपना वजन भी काफी घटाया है ?

    हां, पहले से कुछ कम किया है. लेकिन यह फ़िटनेस के नजरिए से किया है. स्लिम या सेक्सी दिखने के लिए नहीं. भगवान ने जब हमें सुंदर शरीर दिया है तो उससे ज्यादा छेड़छाड़ क्यों करें.

    इश्किया में आपने दो प्रेमियों के बीच फंसी युवती की भूमिका निभाई है. निजी जीवन में आपको इन दोनों में से कौन सा किरदार पसंद है ?

    मुझे नसीर साब (नसीरुद्दीन शाह) की तरह का प्रेम पसंद है. सुंदर शब्दों और कविताओं के जरिए अपने दिल की बात कहने वाला. पुरानी फिल्मों में प्यार का इज़हार इसी तरह किया जाता था.

    नंबर वन की होड़ में शामिल हीरोइनों के साथ आपके नाम की चर्चा नहीं होती है. कभी क्या नंवबर वन कहलाने का जी नहीं होता ?

    मैं मौजूदा हीरोइनों के साथ कोई तुलना नहीं करना चाहती. मैं सिर्फ विद्या बालन ही रहना चाहती हूं. मुझे अपने अभिनय की लिए सराहना भी मिली है और मेरी फिल्में व्यावसायिक तौर पर भी कामयाब रही हैं. इस लिहाज से देखें तो मैं भी नंबर वन की हकदार हूं. लेकिन मैं अभिनय के जरिए बनी पहचान को ही कायम रखना चाहती हूं.

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