बॉबी जासूस के लिए कई जासूसी एजेंसियों को फोन किया- विद्या बालन

विद्या बालन ने वनइंडिया से हुए इंटरव्यू के दौरान ये पूछे जाने पर कि किसी भी तरह के रिफरेंस ना होने से कितनी मुश्किल आई उन्हें, जवाब दिया- किसी भी तरह के रिफरेंस नहीं थे। लेकिन सालों से बचपन से जो फिल्में देखी हैं, किताबें पढ़ी हैं तो वो सब याद करके मैंने बॉबी जासूस के किरदार में खुद को ढाल लिया। स्क्रिप्ट अपने आप में पूरी थी। फिल्म के लेखक संयुक्ता चावला ने स्क्रिप्ट में सारी डीटेल लिखी थीं साथ ही निर्देशक के पास वो सारी जानकारियां थीं जो कि बतौर जासूस मुझे पता होनी चाहिए थीं। तो कुल मिलाकार मुझे कुछ खास मेहनत नहीं करनी पड़ी और बिना किसी रिफरेंस के इस किरदार के लिए मैंने तैयारी कर ली।
इसके अलावा मैंने कुछ डिटेक्टिव एजेंसियों को कॉल किया और यूं ही कुछ बातें बनाकर उनसे ये जानने की कोशिश की किसी तरह के केस लेने से पहले वो किस तरह के सवाल पूछते हैं, क्या जानना चाहते हैं वगैरह। इन सबसे मुझे काफी जानकारी मिली और फिर कोई मुश्किल नहीं हुई। विद्या बालन ने ये भी बताया कि वो बचपन से किसी भी जासूसी नॉवेल या किरदार की फैन नहीं हैं।
विद्या ने बताया कि बॉबी जासूस में कोई बहुत बड़े या मुश्किल भरे केसेस नहीं हैं। यूं ही मोहल्ले, सोसाइटी के आस पास के ही केसेस हैं। जैसे कि एक पत्नी ये पता लगाना चाहती है कि उसके पति का कोई चक्कर चल रहा है या फिर कोई अपने भाई के लिए कोई जासूस करवाना चाहता है। या कोई गर्लफ्रैंड अपने ब्वॉयफ्रैंड के लिए।


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