संघर्ष के दिन याद करते हुए रो दिए सलमान खान: पैसों की तंगी में सुनील शेट्टी ने यूं की थी मदद
आईफा अवार्ड्स 2022 में सलमान खान को आईफा के साथ 20 साल पूरे करने के लिए सम्मानित किया गया। इस दौरान, सलमान खान ने अपने संघर्ष के दिन याद करते हुए उन सब साथियों को धन्यवाद कहा जो उनके साथ मज़बूती से खड़े रहे। सलमान खान ने कुछ किस्से ऐसे सुनाए कि वो भावुक हो गए और उनकी आंखें भर आईं।
इनमें से एक किस्सा था सुनील शेट्टी के साथ। सलमान खान ने बताया कि जब वो संघर्ष कर रहे थे, उनके पास पैसों की कमी थी। सलमान ने बताया कि उनके पास इतने ही पैसे थी कि एक जोड़ी अच्छी जींस और शर्ट हो। एक बार वो शॉपिंग कर रहे थे और उस समय ट्रेंड में एक नई जींस आई थी।

सलमान खान को वो बहुत पसंद आई लेकिन उनके पास पैसे कम पड़ रहे थे तो उन्होंने केवल जींस खरीद ली और शर्ट छोड़ दी। सलमान खान के साथ वहां सुनील शेट्टी मौजूद थे जिन्होंने ये देखा। सुनील ने वो शर्ट खुद खरीदी और सलमान को गिफ्ट की। ये वाकया सुनाते हुए सलमान, सुनील शेट्टी के बेटे अहान के पास पहुंचे और उन्हें गले से लगा लिया।
सलमान ने अहान के बताया, बाद में आपके पिता ने देखा कि मैं एक वॉलेट भी घूर रहा हूं पर मैंने खरीदा नहीं है। वो मुझे अपने साथ अपने घर ले गए और मुझे वो सेम वॉलेट दिया जो कि उनके पास घर पर पहले से था।

दोस्तों से लेते रहे मदद
एक और इंटरव्यू में सलमान खान ने अपनी असफलताओं के बारे में बात करते हुए बताया - जब भी मेरी फिल्म नहीं चलती थी या फिर मैं परेशान होता था कि करियर आगे नहीं बढ़ रहा है तो मैं संजय दत्त या सनी देओल के साथ फिल्म कर लेता। इसलिए मैंने साजन और जीत की। जब भी मुझे लगा कि फिल्में गड़बड़ चल रही हैं, मैंने इन सुपरस्टार्स के साथ फिल्म कर किसी तरह अपना करियर बचा लिया था।"

इसलिए नहीं मिलती थी फिल्में
गौरतलब है कि जीत और साजन, सलमान खान की सबसे सफल फिल्मों में से एक हैं। और दोनों में ही सलमान खान सेकंड लीड में दिखाई दिए थे। सलमान खान ने अपना फिल्मी करियर भी सेकंड लीड के तौर पर बीवी हो तो ऐसी के साथ शुरू किया। उस दौरान, सलमान खान बतौर अभिनेता नहीं चल पा रहे थे क्योंकि उस समय स्क्रीन पर एक्टर्स की इमेज बेहद हट्टे कट्टे एक्टर्स की थी। और सलमान खान सुडौल थे।

करियर की पहले शॉट में फराह खान से ली मदद
गौरतलब है कि सलमान खान की पहली फिल्म थी बीवी हो तो ऐसी। इस फिल्म की शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले सलमान खान फराह खान के पास आए थे।फराह के पास पहुंच कर सलमान उनसे बैक फ्लिप मारना यानि कि गुलाटी मारना सीखने लगे और दो घंटे तक इसकी प्रैक्टिस की। तब कहीं जाकर वो फिल्म के मुहुर्त शॉट पर पहुंचे थे। ये सलमान खान की डेब्यू फिल्म थी बीवी हो तो ऐसी जो 1986 में रिलीज़ हुई थी। फिल्म में बिंदू सलमान खान की मां की भूमिका में थीं।

पिता चाहते ही नहीं थे हीरो बनें
एक पुराने इंटरव्यू में सोहेल खान ने बताया था कि उनके पिता सलीम खान, सलमान खान को हीरो बनाना ही नहीं चाहते थे। वो चाहते थे के सलमान खान क्रिकेटर बने। इसके लिए सलीम खान नेसलीम दुर्रानी को सलमान का कोच बनाया। पहले दो दिन सलमान ने शानदार खेला। लिहाजा, तीसरे दिन सलीम दुर्रानी ने सलीम खान को कहा कि आपके बेटे का भविष्य बेहतरीन होगा।

सीरियस नहीं थे सलमान
सलमान खान ने भी माना था कि वो क्रिकेटर काफी आसानी बन भी जाते, लेकिन वो रोज सुबह उठकर 5.30 बजे क्रिकेट प्रैक्टिस के लिए नहीं जा सकते थे। हीरो की लाइफ भी मुश्किल है, लेकिन क्रिकेट उनके लिए ज्यादा मुश्किल भरी लाइफ होती। सलमान ने मज़ाक करते हुए इस इंटरव्यू में बताया था कि उनका स्कूल 9 बजे से होता था। वो बहुत मुश्किल से 8.30 बजे उठकर स्कूल पहुंच पाते थे। स्कूल पूरा होने के बाद बाद वो डायरेक्टर बनना चाहते थे।

करियर में नहीं ली कोई छुट्टी
एक इंटरव्यू में सलमान खान ने बताया कि इतने सालों से उन्होंने ना ही काम से ब्रेक लिया है ना ही कोई छुट्टी ली है। वो तो केवल छुट्टी लेकर आज तक लंबे हॉलीडे पर भी नहीं गए! एक दौर ऐसा भी था जब सलमान खान ने बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप फिल्मों की लाइन लगा दी थी। लेकिन वो अपनी गलतियों से सीखे। और आज आलम ये है कि सलमान खान को वाकई हिट फ्लॉप से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।


Click it and Unblock the Notifications











