हंसने-हंसाने के लिए मशहूर अभिनेता देवेन वर्मा ने ली अंतिम सांस
हिन्दी सिनेमा में जब भी मशहूर हास्य कलाकारों के नाम याद किए जाएंगे, तो देवेन वर्मा का नाम वहां जरूर गिना जाएगा। चरित्र अभिनेता के तौर पर अपनी खास जगह बनाने वाले देवेन वर्मा का 78 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है।

सिर्फ अभिनय ही नहीं, बल्कि देवेन वर्मा ने कई फिल्मों का निर्देशन और निर्माण भी किया है। उनके परिवार में पत्नी रूपा गांगुली हैं, जो दिवंगत दिग्गज अभिनेता अशोक कुमार की सबसे छोटी बेटी हैं।
देवेन वर्मा ने पुणे स्थित अपने घर में मंगलवार तड़के दो बजे अंतिम सांस ली। वर्मा का पालन-पोषण पुणे में ही हुआ और उन्होंने यहां से राजनीति विज्ञान तथा समाजशास्त्र में स्नातक किया। इसके बाद उन्होंने फिल्म जगत में कदम रखा। जहां उन्होंने अपना एक अलग विशेष मकाम हासिल किया। देवेन वर्मा ने लगभग 149 फिल्मों में काम किया।
उन्होंने कई फिल्मों में अपनी प्रभावपूर्ण उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें 'अंगूर', 'चोरी मेरा काम', 'अंदाज अपना अपना', 'बेमिसाल', 'जुदाई', 'दिल तो पागल है' तथा 'कोरा कागज' जैसी फिल्में शामिल हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरूआत वर्ष 1961 में यश चोपड़ा निर्देशित फिल्म ‘धर्म पुत्र' से की थी। लेकिन अंगूर में निभाए उनके किरदार को लोग आज भी याद किया करते हैं।
देवेन को 1983 में अंगूर, 1979 में चोर के घर चोर और 1976 में चोरी मेरा काम के लिए फिल्मफेयर बेस्ट कॉमेडियन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।


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