'पहला नशा का नशा अब भी है बरक़रार'

मुंबई में मीडिया को इस बात की जानकारी देते हुए उदित नारायण कहते हैं, "मैं आज भी जहां पर अपना शो करता हूं तो लोग कहते हैं कि पहला नशा गाकर सुनाओ. इसका नशा आज भी बरक़रार है. उसी तरह से डर, दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे और तमाम ऐसी फ़िल्में हैं जिनके गाने अब भी लोगों की ज़ुबां पर है. इसी वजह से मैंने ये एलबम निकालने का फ़ैसला किया."
उदित के मुताबिक़ इस वैलेंटाइन डे पर उनके चाहने वालों को उनकी तरफ़ से ये तोहफ़ा है.इस एलबम में उदित के समकालीन दूसरे गायकों जैसे विनोद राठौड़ और एसपी बालसुब्रमण्यम के भी गाने हैं.उदित ने बताया कि जब वो कॉलेज में थे उस वक़्त उनके पास पर्याप्त पैसे नहीं होते थे तो वो वैलेंटाइन डे पर लड़कियों को तोहफ़े नहीं दे पाते थे.ऐसे में वो गाने गाकर लड़कियों का दिल बहलाया करते थे.
उन्होंने अपने बचपन के बारे में बताया कि जब वो पाँच साल के थे तब एक मेले में उन्होंने मोहम्मद रफ़ी का गाना 'आ लग जा गले दिलरुबा' गाया था. और उन्हें लोगों से ख़ूब वाहवाही मिली थी.उदित कहते हैं कि वो रफ़ी साहब के अलावा, किशोर कुमार, मन्ना डे, तलत महमूद और महेंद्र कपूर जैसे गायकों के भी बहुत बड़े प्रशंसक हैं.उनके मुताबिक़ ये सभी गायक भारतीय फ़िल्मी संगीत की अमूल्य निधि हैं और नए गायकों के लिए भगवान की तरह हैं.


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