एक बुरा आदमी फंस गया, जब उछल गई छमिया
अगर न जोहरे जबीनों के दारमियां गुजरे,
तो फिर ये जिंदगी कैसे कहां गुजरे।
इसी को कहते हैं जन्नत, इसी को जहन्नुम भी,
वो ही है जिंदगी जो हंसीनों के दरमियां गुजरे।
इस रस भरी शायरी के साथ जब छमिया उछली, तो एक बुरा आदमी फंस गया.... (सुने पूरा गीत स्लाइडर नंबर-2 में) कुछ ऐसा ही सीन होगा आने वाली फिल्म 'एक बुरा आदमी का', जब उसका आईटम सॉन्ग 'उछल गई छमिया को फिल्माया जायेगा।' गाने के बोल आम जनता के बीच से उठाये गये हैं। बात अगर मदमस्त कर देने वाले गीतों की करें, तो उछल गई छमिया उनमें जरूर गिना जायेगा।
फिलिंड मोशन पिक्चर्स प्रा लि के बैनर की फिल्म "एक बुरा आदमी" के निर्माता हैं जैनेडा मस्तुरा और सुरेन्द्र राजीव और निर्देशक हैं इशराक। फिल्म में संगीत दिया है "बैंड ऑफ़ बंदगी" ग्रुप ने। इस फिल्म का संगीत रिलीज़ किया है जंगली म्यूजिक ने। फिल्म के मूड को देखते हुए सभी तरह का संगीत हैं इस फिल्म में। गीतों को लिखा है इशराक शाह, नासिर फ़राज़, अराफात महमूद ने और इनके लिखे गीतों को गाया है तोचि रैना, रघुवीर यादव, हरमीत रैना, पवन उत्तम, रुना रिज़वी, सावेरी वर्मा, प्रशांत सतोसे और नीरू रावल ने।
फिल्म के गीत हैं "गाँव की राधा का रंग तीखा तीखा रे" छेड़ छाड़ और होली की मस्ती से भरपूर की इस गीत को गाया है सावेरी वर्मा, रघुबीर यादव और प्रशांत सतोसे ने। इसके बाद है "सूरज सेहरा में अकेला है" तोचि और हरमीत रैना का गाया हुआ गीत श्रोताओ को पसंद आएगा। "उठ जा थाम ले तिरंगा" पूरे जोश के साथ गाया है इस गीत को तोचि रैना ने, यह गीत युवाओं में देश भक्ति की भावना को जायेगा।
स्लाइडर में सभी गीतों के वीडियो हैं, सुनिये और खो जाइये बेहतरीन संगीत में-


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