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    ट्यूबलाइट को बाहुबली 2 से ज़्यादा फर्क नहीं पड़ता - सलमान खान

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    हाल ही में गपशप गली में एक अफवाह तेज़ी पर थी, कि बाहुबली 2 की बॉक्स ऑफिस सक्सेस से बॉलीवुड काफी परेशान हैं। आने वाली सभी फिल्मों को इससे तुलना सहनी पड़ेगी लेकिन सलमान खान को इससे ज़्यादा फर्क नहीं पड़ता।

    ट्यूबलाइट ट्रेलर लॉन्च के दौरान सलमान खान ने बताया कि ट्यूबलाइट भले ही बाहुबली 2 के बाद रिलीज़ हो रही है लेकिन इससे हमें ज़्यादा फर्क नहीं पड़ता है। ट्यूबलाइट एक शानदार फिल्म है।

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    गौरतलब है कि बाहुबली की ताबड़तोड़ कमाई के बाद, हर कोई बस इसी चिंता में है कि बॉलीवुड बाहुबली 2 के सामने अपनी इज़्जत कैसे बचा लें।

    हर फिल्म किसी तरह बाहुबली 2 से तुलना होने से बचना चाहती है। सलमान ने भी साफ किया कि दोनों फिल्में इतनी अलग हैं कि बाहुबली 2 की कमाई का असर ट्यूबलाइट पर नहीं पड़ेगा। 

    हाल ही में कई लोगों ने बाहुबली 2 के आगे बॉलीवुड को काफी धोया है। सबका मानना है कि बॉलीवुड कंटेंट से ज़्यादा तमाशे पर ध्यान देता है और इसलिए हम बाहुबली जैसी फिल्में नहीं बना पाते।

    सीखने की ज़रूरत है

    सीखने की ज़रूरत है

    गौरतलब है कि 1000 करोड़ कमाकर बाहुबली भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्म बन चुकी है लेकिन सूत्रों की मानें तो बॉलीवुड को अब इस बात से दिक्कत हो रही है और ज़ाहिर सी बात है कि बाहुबली की सफलता चुभेगी ज़रूर। वैसे जानिए बॉलीवुड को बाहुबली से क्या क्या सीखने की ज़रूरत है -

    ओरिजिनल फिल्में कम

    ओरिजिनल फिल्में कम

    बॉलीवु़ड में जो भी कंटेंट सुपरहिट हो जाता है, वो ओरिजिनल कम होता है। थोडा इधर से और थोड़ा उधर से लेकर बनाया गया होता है। ऐसे में कंटेंट अगर ठीक तरह से भारतीय सिनेमा के मायनों पर नहीं खरा उतरा तो लोग देखते हैं पर ब्लॉकबस्टर नहीं हो पाता।

    बहुत ज़्यादा मसाला

    बहुत ज़्यादा मसाला

    हमारे यहां अगर मसाला फिल्मों का प्रचलन है तो कुछ ज़्यादा ही प्रचलन हो जाता है। एक के बाद एक धड़ाधड़ वैसी ही फिल्में बनने लग जाती हैं। वहीं अगर कोई मसाला फिल्म बनती भी है तो फिर उसमें इतना मसाला डाल दिया जाता है कि हज़म ही ना हो!

     उम्र के हिसाब से रोल

    उम्र के हिसाब से रोल

    दिक्कत ये भी है कि बॉलीवुड के दर्शकों को यकीन दिला दिया गया है कि हीरो तो बस पांच या छह हैं। तीन खान, एक अक्षय , एक अजय और बचे कुचे ऋतिक। यानि कि 40 - 50 साल के हीरो ही रोमांस भी करेंगे चाहे दुनिया इधर की उधर हो जाए। वो भी 20 साल की लड़कियों से।

     नाचने गाने वाली हीरोइनें

    नाचने गाने वाली हीरोइनें

    कभी ध्यान दिया है। हर फिल्म में हीरो तय हो जाता है, शूटिंग शुरू हो जाती है औऱ फिर देर सबेर एक हीरोइन आ जाती है। क्योंकि हीरोइन कौन है, इससे कम ही फिल्मों को ज़्यादा फर्क पड़़ता है। और हीरोइनों का रोल नाचने गाने तक ही सीमित रह जाता है।

    कुछ ज़्यादा की गई मार्केटिंग

    कुछ ज़्यादा की गई मार्केटिंग

    बॉलीवुड में ध्यान फिल्मों पर थोड़ा कम और मार्केंटिंग में काफी ज़्यादा रहता है। फिल्म बनाने से पहले ही उसके बॉक्स ऑफिस पर बात होने लगती है। ये सारी चीज़ें फिल्म की लाइफ तय करती हैं। यही कारण है कि हमारे यहां बमुश्किल फिल्में 10 से 12 दिन ही चल पाती हैं।

    प्लान किया गया सीक्वल

    प्लान किया गया सीक्वल

    हमारे यहां फिल्म की बॉक्स ऑफिस सक्सेस के बाद उसका सीक्वल प्लान होता है जो कि सही तरीका तो बिल्कुल नहीं है। बाहुबली आने पर ही सबको पता था कि फिल्म दो पार्ट में है। वहीं यहां अगर फिल्म चल गई तो सीक्वल बनता है और फिर सीक्वल सीक्वल जैसा कुछ नहीं रहता है।

     समय लेकर बनाई गई फिल्म

    समय लेकर बनाई गई फिल्म

    हमारे यहां फिल्में समय लेकर और अच्छे प्लान कर बनाने वाले डायरेक्टर बहुत ही कम हैं। बॉलीवुड में फिल्म साइन होती है और फिर फटाफट बना दी जाती है। हालांकि रिसर्च और कहानी में भी समय लगाया जाता है लेकिन पांच साल शायद ही किसी फिल्म को बनाया जाता है।

     आज तक कोई लीक नहीं

    आज तक कोई लीक नहीं

    बाहुबली 5 सालों से बन रही है लेकिन आज तक फिल्म का कोई भी सीन या तस्वीर लीक नहीं हुई है। और इसका कारण है कि इस इंडस्ट्री में लोग अपने काम के प्रति ज़िम्मेदार भी हैं, ईमानदार भी और समझदार भी।

    स्टारकास्ट की लिमिट में थी फीस

    स्टारकास्ट की लिमिट में थी फीस

    हमारे यहां की तरह साउथ में स्टार्स की फीस आसमान नहीं छूती। एक लिमिट में रहकर ही फीस तय की जाती है जिससे ज़्यादातर फायदा फिल्म को ही मिलता है। वैसे सिवागामी के लिए रम्या ने 2.5 करोड़ की फीस ली जबकि श्रीदेवी ने 6 करोड़ की डिमांड की थी।

     स्टारडम नहीं फिल्म

    स्टारडम नहीं फिल्म

    बाहुबली ने ये भी साबित कर दिया कि स्टारडम नहीं, फिल्में चलनी चाहिए। हमारे यहां फिल्में स्टारडम के नाम से चलती हैं। जिस दिन ये बंद हो जाएगा उस दिन शायद बॉलीवुड के पास भी एक बाहुबली होगी।

    English summary
    Tubelight releasing after Baahubali 2 is not s problem believes Salman Khan.

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