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    टाइगर जिंदा है को हुए 3 साल- अली अब्बास जफर ने बताया, फिल्म को लेकर कैसा था सलमान खान का पहला रिएक्शन

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    सलमान खान और कैटरीना कैफ स्टारर आल-टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म 'टाइगर जिंदा है' की रिलीज को तीन साल पूरे हो चुके हैं। इस फिल्म के साथ डायरेक्टर अली अब्बास जफर ने एक शानदार सफर तय किया है। वह ऐसे सबसे युवा निर्देशक हैं, जिनके खाते में 'सुल्तान' और 'टाइगर ज़िंदा है' जैसी 300 करोड़ रुपए से अधिक कमाने वाली दो फिल्में दर्ज हैं। सिर्फ राजकुमार हीरानी ने 'पीके' और 'संजू' के साथ यह उपलब्धि दर्ज कराई थी।

    शहर देहरादून के रहने वाले और बॉलीवुड के लिए एक आउटसाइडर रहे अली ने YRF में बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम शुरू किया था। आज वह खुद की काबिलियत के दम पर एक स्टार डायरेक्टर बन चुके हैं।

    टाइगर फ्रेंचाइजी की कमान संभालने के बाद अली ने इसकी दूसरी किस्त के रूप में 'टाइगर ज़िंदा है' का निर्देशन किया और भारत में एक्शन फिल्मों के लिए एक ऐसा बेंचमार्क तय कर दिया कि फिल्म भारतीय सिनेमा के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित हुई।

    यह एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी थी

    यह एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी थी

    इस फिल्म को बनाने की यात्रा के बारे में बताते हुए अली अब्बास जफर ने बताया कि उन्होंने आदित्य चोपड़ा के साथ टाइगर जिंदा है के लिए अपना विजन किस तरह से हासिल किया। उन्होंने कहा, "यह एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी थी, खासकर इसलिए कि पहली फिल्म ‘एक था टाइगर' बहुत बड़ी हिट हो चुकी थी। दूसरी बात यह थी कि हमारी फिल्म ‘सुल्तान' के बाद आ रही थी। ‘सुल्तान' पर लोगों ने जिस तरह से प्यार बरसाया था, उससे मेरे और आदि के ऊपर अतिरिक्त जिम्मेदारी लद गई। हम पर दर्शकों के सामने एक ऐसी फिल्म पेश करने का दबाव था, जो इस लेवल की हो कि देखने के बाद ऑडियंस को लगे कि ‘एक था टाइगर' वाले किरदारों के साथ TZH में भी हमने न्याय किया है.. इतना ही नहीं, उन्हें यह भी लगना चाहिए कि इसमें हम उन किरदारों को अगली पायदान तक ले गए हैं।"

    ज्यादा रियल और ज्यादा जमीनी

    ज्यादा रियल और ज्यादा जमीनी

    वह आगे बताते हैं, "पहली फिल्म मुख्य रूप से एक रोमांटिक फिल्म थी। लेकिन इस बार जब किरदार तय हो गए तो मैंने यों ही सोचा कि दूसरे भाग को थोड़ा ज्यादा रियल और ज्यादा जमीनी होना चाहिए। दुनिया का सोशियो-पोलिटिकल सिनैरियो, आतंकवाद को लेकर वैश्विक समस्याएं वगैरह, और यही फिल्म का बैकड्रॉप बन गया। हम एक सत्य घटना से प्रेरित थे, जिसमें 39 भारतीय नर्सों को एक आतंकवादी गिरोह ने बंधक बना लिया था। हमने इस घटना को एक किस्म का फिक्शनल ट्विस्ट दे दिया और वह मिशन तैयार हो गया जिसे RAW (रॉ) और टाइगर चलाते हैं।"

    सलमान खान का पहला रिएक्शन

    सलमान खान का पहला रिएक्शन

    अली सलमान खान के उस रिएक्शन को याद करते हैं, जब यह फिल्म उनको पहली बार नैरेट की गई थी। उन्होंने कहा, "स्क्रिप्ट तैयार हो जाने के बाद सलमान सर के साथ मेरी बातचीत फिल्म के टाइटल को लेकर शुरू हुई थी और टाइटल था- टाइगर ज़िंदा है। तो जब हमने उनको टाइटल बताया, वह मेरी तरफ देख कर मुस्कुराए, क्योंकि उनकी फिल्मों के टाइटल ऐसे ही आयकॉनिक हुआ करते हैं। और कहीं न कहीं TZH सलमान खान को उतने ही अद्भुत तरीके से पेश करती है, जितना कि कोई उनके बारे में सोच सकता है। तो जब मैंने उनको कहानी का आइडिया नैरेट किया, तो एक तरह से वह समझ चुके थे कि हम कैसी फिल्म बनाने जा रहे हैं। चूंकि TZH का पूरा ढांचा ही एकता, शांति, भाईचारा और खुशी से मिलकर बना है, एक ब्रांड के तौर पर सलमान खान कहीं न कहीं इन मूल्यों के पक्ष में खड़े होते हैं।"

    कैटरीना कैफ का मजबूत रोल

    कैटरीना कैफ का मजबूत रोल

    फिल्म में कैटरीना कैफ की बहुत तारीफ हुई थी। अली बताते हैं, "कैटरीना कैफ (ज़ोया) टाइगर फ्रेंचाइजी का बेहद अहम हिस्सा हैं। कबीर (खान) ने टाइगर के पहले भाग में कहीं न कहीं एक बेहद स्ट्रॉन्ग हीरो, फीमेल हीरो को स्टैबलिश कर दिया था। ऐसे में मेरे ऊपर ज़ोया के किरदार को नया बनाने की जिम्मेदारी अलग से थी। उसका किरदार TZH के टाइगर जितना ही मजबूत होना चाहिए था। आइडिया यह था कि ज़ोया को उसकी खुद की इंडीविजुअलिटी प्रदान की जाए। TZH में ज़ोया का ट्रैक केवल स्क्रीनप्ले और स्टोरीटेलिंग में ही नहीं समाया है, बल्कि यह इमोशनल तौर पर भी बहुत भारी पड़ता है।"

    महिला किरदारों का जश्न मनाएं

    महिला किरदारों का जश्न मनाएं

    वह आगे कहते हैं, "मैं हमेशा स्ट्रॉन्ग महिलाओं से घिरा रहा हूं- मेरी मां, मेरे परिवार की महिलाएं, मेरी दोस्त। सलमान के बारे में भी यही सच है और आदित्य चोपड़ा का मामला भी ऐसा ही है। तो आइडिया यह था कि संकट के समय हर बार किसी आदमी को ही महिलाओं की रक्षा करते हुए न दिखाया जाए। महिलाएं भी उतनी ही सक्षम और ताकतवर हैं तथा वे अपने दम पर डटकर मुकाबला कर सकती हैं। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे किन हालात में हैं और किससे लड़ रही हैं। ज़ोया का किरदार खड़ा करने के पीछे एकमात्र विचार यही था कि वह हमारे दौर की समकालीन महिला की आवाज बन जाए। मेरे खयाल से वक्त आ गया है कि हम बड़े परदे पर महिलाओं की तारीफ करना और उनका जश्न मनाना शुरू कर दें।"

    टाइगर ज़िंदा है

    टाइगर ज़िंदा है

    ‘टाइगर ज़िंदा है' भारतीय सिनेमा की कुछ सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में शामिल है। अली से यह पूछने पर कि ऑडियंस से जोड़ने वाली फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी क्या थी, वह जवाब देते हैं, "TZH को इतनी बड़ी ब्लॉकबस्टर बनाने के लिए मैं गॉड और ऑडियंस का बेहद शुक्रगुजार हूं। मेरे खयाल से फिल्म को खासकर इसके इमोशन के चलते प्यार मिला। यह एक पैट्रियाटिक फिल्म है, लेकिन जिंगोइस्टिक नहीं है। यह कॉमर्शियल है, इंटरटेनिंग है। लेकिन कहीं न कहीं इमोशन फिल्म से कभी छूटता नहीं है।"

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    English summary
    As blockbuster film Tiger Zinda Hai clocks 3 years, director Ali Abbas Zafar looks back at the journey and shared the first reaction of Salman Khan over the narration.
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