संगीत से आत्मा गायब हो चुकी है: मोंटी शर्मा

प्रसिद्ध संगीतकार प्यारेलाल के भतीजे मोंटी ब्लैक फिल्म के लिए आईफा अवार्ड्स जीत चुके हैं। फिल्मों में बैकग्राउंड म्यूजिक के बारे में मोंटी ने कहा है कि यह किसी भी फिल्म को जीवंत बनाता है। अगर फिल्म में बैक ग्राउंड म्यूजिक नहीं है तो फिल्म ज्यादा प्रभावशाली नहीं हो पायेगी। संगीत के जरिये फिल्म की कमियो को भी ढका जाता है। इसलिए यह जरूरी है कि पीरियड फिल्म में संगीत देने के लिए उस समय के संगीत को समझना आवश्यक होता है। मोंटी के अनुसार अच्छा संगीत बनाने के लिए सुर, लय और ताल को बेहतर ढंग से समझना जरूरी है जिससे कि इसे फिल्मी चरित्र के अनुसार गढ़ा जा सके।
मोंटी ने मिर्च, रन भोला रन, वादा रहा, चमकू और राइट या रांग में भी संगीत दिया है और अब फिल्म निर्देशन करना चाहते हैं। उनका मानना है कि फिल्म सिर्फ मनोरंजन का ही माध्यम नहीं है बल्कि यह संदेश भी देती है।
एक म्यूजिक कंपोजर के आर्थिक पक्षों के बारे में मोंटी ने बताया कि अब तो कंपोजर को रॉयल्टी मिलने लगी है। इसी के कारण ही छह करोड़ लोगों द्वारा सांवरिया का गाना डाउनलोड किये जाने से मुझे 19 लाख रूपये रायल्टी मिली है। बच्चों के म्यूजिक रियलिटी शो के बारे में उन्होने कहा कि इससे संगीत के बारे में लोगों की समझ बढ़ रही है और बच्चों को भी काफी कुछ सीखने को मिलता है लेकिन अच्छा संगीतकार होने के लिए लगातार सीखने की कोशिश करते रहना बेहद जरूरी होता है।


Click it and Unblock the Notifications