"उम्रदराज हिरोइन के लिए नहीं लिखे जाते अच्छे रोल"
गुजरे जमाने की मशहूर एक्ट्रेस और सीबीएफसी की हेड रह चुकी शर्मिला टैगोर ने कहा है कि "बड़े उम्र के एक्टर्स के लिए तो स्क्रिप्ट लिखी जाती हैं, लेकिन ऐसा बड़ी उम्र की एक्ट्रेसेज के साथ नहीं होत है।" ये बातें उन्होंने आईएएनएस को दिए एक इंटरव्यू में कही हैं।
72 वर्षीय शर्मिला टैगोर ने कहा है कि इंडस्ट्री में बड़े उम्र के एक्टर के लिए रोल लिखे जाते हैं लेकिन उनके लिए हिरोइन बिल्कुल यंग खोजी जाती है क्योंकि सबको लगता है कि फिल्म तो हीरो चलाएगा हिरोइन नहीं।उम्रदराज एक्ट्रेसेस को ध्यान में रखते हुए बॉलीवुड में बहुत कम फिल्में आती हैं। जबकि उनकी उम्र के मेल एक्टर्स के लिए इतने सारे जरूरी रोल लिखे जाते हैं।

शर्मिला टैगोर ने ये भी कहा कि "मेरे समय में 30-40 साल की महिलाओं के लिए रोल लिखे जाते थे। उम्र बढ़ने के साथ कैरेक्टर वैल्यू भी बढ़ती थी और सबसे अच्छी बात थी कि हर उम्र में बताने के लिए काफी दिलचस्प बातें होती थी लेकिन अब ऐसा नहीं है।"
शर्मिला टैगोर ने सत्यजीत रे की फिल्म अपूर संसार से फिल्मी दुनिया में कदम रखा था और इसके बाद उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा और कश्मीर की कली, अराधना, एन इवनिंग इन पेरिस सहित कई अच्छी फिल्में की।इस साल MAMI फिल्म फेस्टिवल में शर्मिला टैगोर को 'एक्सिलेंस इन सिनेमा' के अवार्ड से नवाजा जाएगा।


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